पूरी चाक चौबंद व्यवस्था के साथ जिले में यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो गई। पहले दिन सभी जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेटों के अलावा डीआईओएस का सचल दल एक दर्जन से अधिक परीक्षा केंद्रों पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कोई नकलची छात्र नहीं पकड़ा गया। प्रथम पाली में 1, 215 छात्रों ने परीक्षा छोड़ी। प्रथम पाली में परीक्षा में बैठने को लेकर रसिन के तीन छात्रों ने कालेज प्राचार्य पर प्रवेश पत्र छीनने का आरोप लगाकर एसडीएम से शिकायत की।
गुरुवार को जिले के 42 परीक्षा केंद्रों में यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हुईं। पहले ही दिन हाईस्कूल में पंजीकृत 14 हजार 754 छात्रों में 13 हजार 539 ने परीक्षा दी। 789 छात्र व 426 छात्राएं कुल 1,215 गैरहाजिर रहे।
जिलाधिकारी मोनिका रानी के निर्देश पर सभी केंद्रों में जोनल मजिस्ट्रेट नरेंद्र बहादुर सिंह, राममूर्ति त्रिपाठी, रामशंकर व दुर्गेश पांडेय ने एक दर्जन से अधिक परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। डीआईओएस आनंद प्रकाश शर्मा ने भी सचल दस्ता के रूप में कई केंद्रों में छापा मारा।
इसी प्रकार दूसरी पाली में भी औचक निरीक्षण किया गया। डीआईओएस ने बताया कि पहले दिन दोनों पालियों में कोई नकलची नहीं पकड़ा गया। हर परीक्षा केंद्र के गेट पर सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा ब्रहृमचर्य शिक्षा निकेतन इंटर कालेज कर्वी में सुबह सात बजे एसडीएम नरेंद्र बहादुर निरीक्षण करने पहुंचे। सभी कक्ष में छात्रों के बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था थी। छात्रों की गेट पर ही तलाशी कर जूते, चप्पल उतारकर कक्ष में बैठाया गया।
बेडीपुलिया स्थित बैजनाथ भरद्वाज सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में सुबह सात बजे से परीक्षा शुरू हुई। छात्रों के पेयजल के लिए कालेज परिसर में कई स्थान पर टंकी रखाई गई थी। डीआईओएस आनंद प्रकाश ने परीक्षा का निरीक्षण किया।
कालिका प्रसाद इंटर कालेज पुरवा तरौंहा सुबह सात बजे से शांत माहौल में परीक्षा चालू रही। केंद्र व्यवस्थापक से लेकर निरीक्षक अपनी डयूटी पर रहे। कालेज गेट पर पुलिस कर्मी तैनात रहे।
राजकीय बालिका इंटर कालेज कर्वी में सुबह पौने ग्यारह बजे पेपर खत्म होते ही हाथों में हिंदी का पेपर लेकर छात्राएं कक्ष से बाहर निकलने लगीं। सभी एक दूसरे से सवालों के बारे में बातचीत करते हुए हंसते हुए बाहर निकलीं।
चित्रकूट। गुरुवार को बेडीपुलिया स्थित बैजनाथ भरद्वाज सरस्वती विद्यामंदिर इंटर कालेज पहुंचे रसिन के चार हाईस्कूल के छात्र सर्वेश कुमार, प्रेमचंद्र, रामकरण और पुष्पेंद्र ने बताया कि वह सब रतननाथ इंटर कालेज के छात्र हैं। उनके नाम के प्रवेश पत्र शिक्षकों ने पहले बांटे फिर वापस ले लिए गए।
इनमें सर्वेश ने प्रवेश पत्र नहीं लौटाया था। बिना प्रवेश पत्र परीक्षा देने आए छात्रों ने दावा किया कि उनके नाम सूची में हैं, कालेज ने जानबूझकर उनके प्रवेश पत्र ले लिए हैं। एसडीएम नरेंद्र बहादुर ने रसिन कालेज के प्रधानाचार्य से वार्ता की। प्रधानाचार्य राजीव पाठक ने बताया कि उनके कालेज के 17 ऐसे छात्र हैं जिनकी उपस्थिति कम है।
पूरी फीस नहीं जमा है और उनके नाम कालेज से कट चुके हैं। बोर्ड आफिस में समय से सूचना न पहुंचने पर उनके प्रवेश पत्र कालेज आ गए। कुछ शिक्षकों की गलती से 17 में चार छात्रों के प्रवेश पत्र जारी हो गए थे। इसकी जानकारी होने पर प्रेम, रामकरण व पुष्पेंद्र के प्रवेश पत्र लौटा लिए गए लेकिन सर्वेश नहीं मिला था।
इस पूरे प्रकरण की जानकारी डीआईओएस को लिखित रूप से अवगत कराया गया था। इन्हीं चारों को परीक्षा देने से रोका गया था। इसके बाद सिर्फ सर्वेश ही परीक्षा में बैठ सका। इस मामले में प्रधानाचार्य ने बताया कि सर्वेश परीक्षा दे रहा है लेकिन उसका परीक्षा परिणाम रोका जाएगा क्योंकि उसका भी नाम कट चुका है। पूरे मामले में डीआईओएस आनंद प्रकाश शर्मा ने बताया कि इसकी जानकारी मिली है। संबधित कालेज के प्रधानाचार्य से जानकारी मांगी गई है। छात्रों के नाम कटने की पहले सूचना कालेज ने दी थी।