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Chitrakoot News: कोषागार पेंशन घोटाले में बुजुर्ग महिला का दांव फेल

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अदालत से
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- अदालत ने कहा- उम्र नहीं, अपराध देखेंगे, जमानत नहीं
-15 लाख खाते में आए, पकड़े गए तो 13 लाख लौटाए
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। कोषागार में हुए 43.13 करोड़ के पेंशन घोटाले में 92 वर्षीय बेलाकली ने उम्र का हवाला देकर अग्रिम जमानत मांगी, लेकिन सत्र न्यायाधीश शेषमणि ने साफ कह दिया, कि भ्रष्टाचारियों को उम्र के नाम पर संरक्षण नहीं मिलेगा।
पुलिस के अनुसार कोषागार की जांच में खुला कि 2018 से 2025 तक 93 पेंशनरों के नाम पर 43.13 करोड़ हड़प लिए गए। इसमें मऊ थाना क्षेत्र के यमुना मार्ग के ब्राह्मण मोहल्ला निवासी बेलाकली के खाते में भी सात बार में 15.60 लाख रुपये आए, जब नोटिस आया तो 13.40 लाख रुपये चालान से जमा कर दिए, ताकि अग्रिम जमानत मिल जाए।
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सुनवाई में अधिवक्ता ने कोर्ट में बताया कि पति श्याम द्विवेदी राजस्व विभाग में रजिस्टार कानूनगो थे। नौ जनवरी 2006 को उनकी मौत हो चुकी है। बुजुर्ग महिला अनपढ़ है, उसे कुछ पता नहीं, दलाल ओमप्रकाश ने पैसे डाले-निकाले। उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं। अदालत ने कहा कि यह शासकीय खजाने की लूट है। अग्रिम जमानत ईमानदारों के लिए है, आर्थिक अपराध कर खजाना लूटने वालों के लिए नहीं। प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर होने से अदालत ने अग्रिम जमानत योग्य नहीं पाया।
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18 साल पुराने चोरी मामले में आरोपी को 20 हजार के मुचलके पर जमानत
चित्रकूट। चोरी के 18 साल पुराने मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय अभिनव कुमार दुबे की अदालत ने आरोपी धन सिंह को जमानत दे दी है। उसे 20 हजार के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की एक जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। यह मामला मानिकपुर थाना क्षेत्र से संबंधित है। मानिकपुर निवासी धन सिंह के खिलाफ वर्ष 2028 में चोरी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस घटना में आरोपी को एक नवंबर 2008 से जमानत पर था। पेशी पर पहुंचने से उसके खिलाफ वारंट जारी हो गया था। बीस अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर उसे जेल भेजा गया था। आरोपी के अधिवक्ता ने जमानत के लिए द्वितीय अर्जी डाली थी। तामील में कमी से गैर जमानती वारंट जारी हो गया था। अदालत ने पत्रावली को देखकर कहा कि अपराध सात साल तक की सजा वाला है और आरोपी पूर्व में 2008 से ही जमानत पर था, इसलिए दूसरी जमानत अर्जी स्वीकार की जाती है। (संवाद)

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