कौशल विकास योजना के नाम पर जिले में कुछ संस्थान बेरोजगार युवकों को नौकरी का लालच देकर ठग रही हैं। ऐसी ही एक संस्था ने कंप्यूटर प्रशिक्षण कराने के बाद आठ युवकों को प्रमाणपत्र नहीं दिए। सभी को रोजगार दिलाने के नाम पर एक संस्था के पास लखनऊ भेज दिया। जहां दस-दस हजार रुपये रोजगार दिलाने के नाम पर लिए गए। लेकिन नौकरी नहीं मिली। जिसके बाद वह लोग लौट आए और डीएम से इसकी शिकायत की है।
मुख्यालय निवासी लवकुश सिंह, अभय सिंह, अमित कुमार, रामकिशोर, अखिलेश, प्रदीप समेत आठ युवकों ने गुरुवार को डीएम मोनिका रानी को दिए ज्ञापन में बताया कि उनकोे शहर की एक संस्था ने कौशल विकास योजना के तहत छह माह का कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया था। प्रशिक्षण के बाद प्रमाणपत्र न देकर लखनऊ में रोजगार दिलाने के नाम पर एक संस्था के पास भेज दिया गया।
जहां तीन हजार रुपये जमा कराए गए और कहा गया अच्छे होटल में ठहरने की व्यवस्था व खाने के लिए पैसे लिए जा रहे हैं। इसके बाद धीरे-धीर कर दस हजार रुपये तक ले लिए गए। लेकिन न तो नौकरी मिली और न ही खाने-पीने की व्यवस्था की गई। जिसके बाद वह लोग वापस लौट आए। डीएम से संस्था के काम की जांच कराने की मांग की है।