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शिक्षा राष्ट्रीय विकास की कुंजी

Tue, 24 Mar 2015 11:40 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, चित्रकूट
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जन कल्याण शिक्षण प्रसार समिति ने एडीएम को ज्ञापन देकर प्राथमिक शिक्षा की स्थिति और शिक्षा के अधिकार अधिनियम को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि ये अभी भी मानकों पर पूरी तरह लागू नहीं हो सका है।
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डीएम को संबोधित ज्ञापन में समिति ने कहा कि शिक्षा राष्ट्रीय विकास की कुंजी है।

 शिक्षा में निवेश और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 का क्रियान्वयन सुनिश्चित करना लाखों बच्चों के जीवन को सुरक्षित करना है। एक अप्रैल 2010 से भारत सरकार ने संविधान की धारा 21 एक के तहत अनिवार्य एवं नि:शुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 को लागू किया है। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत पांच साल की समयावधि में सभी विद्यालयों में न्यूनतम मानदंडों और मानकों को सुनिश्चित करना था।

 यह समयावधि 31 मार्च 2015 को समाप्त हो रही है। इनका कहना है कि इसके बाद भी हम अभी न्यूनतम मानदंडों और मानकों से काफी दूर हैं। 25 सूत्रीय ज्ञापन में राज्य बाल अधिकार संरक्षण को स्वतंत्र और संसाधनपूर्ण किए जाने, शिकायत निवारण के लिए समय कम करने, समग्र मूल्यांकन को पूरे प्रदेश में लागू किए जाने, आयु संगत में नामांकन लेने वाले छात्रों के विशेष प्रशिक्षण के लिए माड्यूल निर्माण और विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था समेत अन्य मांगें शामिल हैं।
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