चित्रकूट। तमाम कोशिशों के बाद भी शहर में यातायात व्यवस्था सुधार नहीं रही है। सड़क पर बेतरतीब ढंग से दौड़ते ई-रिक्शा से हर रोज जाम लगती है। इस जाम में फंसकर वाहन चालक व स्कूली बच्चे परेशान रहते हैं।
शहर सहित कस्बों में करीब पांच हजार ई रिक्शा हैं। शहर में धनुष चौराहा, पटेल चौराहा, सहित एलआईसी तिराहे के पास सड़क पर खड़े कर सवारियां भरते रहते हैं। इससे वहां पर जाम लग जाता है। यही नहीं शहर में विभिन्न रूटों पर दौड़ते ई-रिक्शा चालक सवारियां बिठाने में बीच सड़क पर ही वाहन रोक देते हैं। इससे अक्सर पीछे से आने वाले वाहन टकरा जाते हैं।
बालकृष्ण जैन, अखिलेश, दिलीप जायसवाल ने बताया कि यातायात नियमों को ताक कर ई रिक्शा चलाते हैं। जिस कारण समस्या होती है। दुकानों के सामने भी खड़ा कर देते हैं। इससे ग्राहकों के निकलने के लिए रास्ता नहीं रहता है। यही हाल मऊ, राजापुर, शिवरामपुर व भरतकूप कस्बे में देखा जा रहा है। यहां भी ई रिक्शा सड़कों में खडे़ रहते हैं।
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नहीं बना स्टैंड
चित्रकूट। ई-रिक्शा चालक रमेश पाल, किशन, सुनील ने बताया कि ई- रिक्शा खड़ा करने के लिए कहीं भी स्टैंड नहीं बना है। मजबूरी में सड़क किनारे खड़ा करना पड़ता है। सवारियां मिलने पर गाड़ी रोकनी पड़ती है।
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दुर्घटनाएं भी होती रहती
चित्रकूट। ई रिक्शा में अधिक सवारियां भरने से दुर्घटनाएं भी होती रहती है। इसी सप्ताह शहर के मंदाकिनी पुल के पास ई रिक्शा पलटने से पड़री डिलौरा गांव की आरती देवी की मौत हो गई थी। तीन यात्री घायल हो गए थे। इसी तरह से अन्य दुर्घटनाएं भी होती भी हुई है।
यातायात नियमों की अनदेखी पर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। ई-रिक्शा स्टैंड और रूट निर्धारण को लेकर योजना तैयार की जा रही है।
- राम प्रकाश सिंह, एआरटीओ