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Chitrakoot News: आंधी और बारिश से 100 गांवों की बिजली गुल, फसलें गिरीं

Mon, 14 Apr 2025 12:14 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
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चित्रकूट/राजापुर/भरतकूप/। तेज आंधी के साथ रविवार को जोरदार बारिश भी हुआ। इससे 100 गांवों की बत्ती गुल हो गई। 10 खंभे भी उखड़ गए। एक सैकड़ा से अधिक खेतों में रखी कटी गेहूं की फसल भी भीग गई। गेहूं के कटे हुए रखे बोझ भी उड़कर दूसरे के खेतों तक पहुंच गए। देर शाम तक बिजली विभाग की टीम फाल्ट खोजने में जुटी रही।
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भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने बताया कि 70 प्रतिशत से अधिक फसल खेतों में खड़ी थी। इसमें गेहूं, सरसों, मसूर व चना शामिल है। अचानक आंधी के साथ बारिश होने से 40 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ है। प्रगतिशील किसान शिव कुमार शुक्ला का कहना है कि बारिश होने के कारण फसल भीग गई है। इससे अब कटाई का कार्य भी रुक गया है। वहीं गल्ला मंडी में कई किसान गेहूं बेचने के लिए आए थे। उनका भी गेहूं भीग गया। अढ़ातिया भी खुले आसमान के नीचे गेहूं रखे थे। बारिश होने से भीग गया।
बालापुर के किसान सूरज सिंह ने बताया कि उसका ट्रैक्टर में रखा अनाज भीग गया। बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष सुरेश प्रसाद मिश्र ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में मांग की है कि बारिश व आंधी से फसलों का अधिक नुकसान हुआ है। किसानों को मुआवजा दिलाया जाए। जिला कृषि अधिकारी आरपी शुक्ला कहना है कि राजापुर क्षेत्र में गेहूं की फसल का अधिक नुकसान हुआ है। दलहनी व तिलहनी फसल पहले ही किसानों ने काट लिया था। फसलों को 15 से 40 प्रतिशत नुकसान हुआ है। जिसका सर्वे कराया जा रहा है।
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-इनसेट
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति बंद
पहाड़ी/ भौंरी। तेज आंधी पहाड़ी, भौंरी, भरतकूप क्षेत्र सहित मानिकपुर क्षेत्र में 10 से अधिक बिजली के खंभे गिर गए। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली की तार भी टूट गई है। इससे एक सैकड़ा से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति रविवार की सुबह तीन बजे से बंद है। बिजली विभाग के अधिशाषी अभियंता दीपक सिंह ने बताया कि कुछ स्थानों पर बिजली के खंभे गिर गए है। उनके स्थान पर नये खंभे लगाए जा रहे है।

जिले भर का सर्वे कराने के आदेश
चित्रकूट। आंधी व बारिश के बाद किसानों के हुए नुकसान को लेकर डीएम ने गंभीरता दिखाई। एडीएम उमेश चंद्र को निर्देश दिए कि 24 घंटे के अंदर सर्वे कराकर बताया जाए कि कितना नुकसान हुआ है। ताकि पीड़ितों को सही मुआवजा दिलाया जा सके। शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इस मामले में सूत्रों से पता चला है कि जांच रिपोर्ट लगभग तैयार हो चुकी है। जिसमें यह किसी को मुआवजा लायक नुकसान नहीं बताया गया है। शासनादेश के मुताबिक 30 प्रतिशत से अधिक नुकसान वाले को इस सूची में रखा जाता है और रिपोर्ट में किसी का नुकसान 30 प्रतिशत से ज्यादा नहीं है। इस संबंध में एडीएम उमेश चंद्र ने बताया कि सर्वे कराया जा रहा है। सभी तहसीलों से मिली प्राथमिक रिपोर्ट में किसी प्रकार की कोई जनहानि, पशुहानि नहीं है। फसल का भी ज्यादा नुकसान नहीं है। रिपोर्ट डीएम के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी। अभी कुछ बताया नहीं जा सकता है।
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