चित्रकूट। जिला जेल में गैंगवार की घटना के बाद जेल को उत्तर प्रदेश शासन ने उच्च सुरक्षा की श्रेणी में रखा है। इसके लिए अब जेल की निगरानी ड्रोन कैमरे से कराई जाएगी। बस कैमरे आने की देरी है। उधर जेल परिसर में लगे 32 सीसीटीवी कैमरों में आधे कैमरे ठीक हो गए हैं। कुछ कैमरे पूरी तरह खराब होने पर नया लगवाने की प्रक्रिया चल रही है।
जेल अधीक्षक अशोक सागर ने बताया कि शासन ने ड्रोन कैमरे से निगरानी के निर्देश दिए है। जल्द ही सुरक्षा सामग्री मिल जाएगी। लखनऊ में डीजी जेल आनंद कुमार ने कहा है कि चित्रकूट के साथ लखनऊ, आजमगढ़, बरेली व गौतम बुद्धनगर की जेलों की निगरानी अब ड्रोन कैमरे से होगी। इन जेलों में एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा और लैपटॉप के जरिये सभी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इन जेलों को हाई सिक्योरिटी जेल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां आधुनिक उपकरण लगाये जा रहे हैं। जिससे जेल में बंद माफियाओं व कुख्यात अपराधियों को कडे़ पहरे में रखा जा सके। चित्रकूट में 14 मई को हुई घटना के बाद से यह निर्णय लिया गया है।
फोटो नंबर- 8- जेल के गेट पर मौजूद पुलिस कर्मी।
गैंगवार से हिला था सुरक्षा सिस्टम
गौरतलब है कि चित्रकूट जिला जेल में 14 मई की सुबह माफिया मुख्तार अंसारी गैंग के शार्प-शूटर जेल में बंद अंशू दीक्षित ने विदेशी पिस्टल से कुख्यात अपराधी मुकीम काला व मेराज अली को गोलियों से उड़ा दिया था। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर हत्यारोपी अंशू दीक्षित को भी मौत के घाट उतार दिया था। जेल परिसर में इस तरह की यूपी की पहली घटना ने पूरे प्रदेश के सिस्टम को हिला कर रख दिया था। इस मामले की एक माह बाद भी जांच जारी है। इस घटना के बाद यूपी के सभी जेलों में सुरक्षा को लेकर कई बदलाव किए गए हैं।