युवती से दुराचार के मामले में पकड़े गए चालक ने खुद को निर्दोष बताया। उसने कैंटीन ठेकेदार को ही मुख्य आरोपी बताया। पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसके दबाव में आकर ही वह चुपचाप गाड़ी चलाता रहा। ठेकेदार ने ही उसे शराब पिलाई थी। उसने ही पूरी साजिश रची।
लॉकप में बंद बोलेरो चालक कृष्ण कुमार ने पुलिस को बताया कि वह सीधे मानिकपुर जा रहा था। लेकिन ठेकेदार दिनेश सिंह ने उसे चार हजार रुपये दिए और शराब पिलाकर साथ चलने को कहा। रास्ते में जीजा और साली को रिक्शे से जाते देख उसने सारी प्लानिंग करी।
दिनेश ने दोनों को पुलिसिया पूछताछ के बहाने गाड़ी में बैठाया और फिर युवती से दुराचार किया। वह तो गाड़ी चला रहा था। दिनेश ने उससे कहा था कि तुम बोलेरो स्टेशन के पास खड़ी कर देना, मैं देख लूंगा। दिनेश तो फरार हो गया और पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
आरपीएफ से संबद्ध है बोलेरो
जिसे बोलेरो में दुष्कर्म की घटना हुई, वह आरपीएफ मानिकपुर में तीन साल से संबद्ध है। यह इलाहाबाद निवासी राजेश सिंह की बताई जा रही है। आरपीएफ प्रभारी मानिकपुर एसएन दुबे ने बताया कि बोलेरो को कर्वी चौकी प्रभारी राधेश्याम को किसी जांच में जाने के लिए दो फरवरी को दिया गया था।
वह इसमें बांदा किसी मामले की जांच के लिए गए थे। रात लगभग 11 बजे लौटे तो राधेश्याम ने चालक से मानिकपुर जाने को कहा था। बाद में पता चला कि चालक और ठेकेदार दिनेश ने यह कांड कर डाला। वह पूरे मामले की तहकीकात कर रहे हैं।