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Chitrakoot News: बाढ़ उतरी तो पेयजल का संकट

Sun, 30 Aug 2026 11:23 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
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फोटो 30 सीकेटीपी 23 शहर के पुरानी बाजार में मंदिर के पास हैंडपंप पर पानी भरते लोग। संवाद
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चित्रकूट। शनिवार को आई मंदाकिनी बाढ़ की कम होने लगी तो धर्मनगरी में लोगों की मुश्किलें कम होने के बजाय बढ़ गई। अब शहरवासी पीने के पानी के लिए परेशान हैं।
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जल संस्थान का इंटेकवेल बाढ़ में डूब गया है। जिससे इंटेकवेल में कीचड़ भर गया है, साथ ही ट्रांसफार्मर भी डूब गया है। जिससे शहर सहित तरौंहा के बड़े हिस्से में पानी की आपूर्ति बंद है। पाइपलाइन में भी कीचड़ भर गया और बिजली आपूर्ति बंद होने से जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
आपूर्ति बंद होने से पुरानी बाजार, गंगा जी रोड, शंकर बाजार, प्रयागराज रोड सहित कई मुहल्लों व रामघाट तक लोग पेयजल के साथ रोजमर्रा के कामों के लिए भी पानी जुटाने के लिए भटक रहे हैं।
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शहर में तो सुबह से ही हैंडपंपों में लोगों की भीड़ देखी गई। पुरानी बाजार निवासी हीरालाल व कुनाल ने बताया कि पानी की आपूर्ति न आने से हैंडपंप ही सहारा है। एक हैंडपंप में करीब 200 घरों के लोग पानी भर रहे हैं।
प्रमोदवन, रामघाट और एमपीटी क्षेत्र में महिलाएं सुबह करीब पांच बजे से ही बर्तन लेकर पानी के इंतजार में लाइन लगा रही हैं। कई जगह हैंडपंप से काला और बदबूदार पानी निकल रहा है। लोगों का कहना है कि मजबूरी में इसी पानी को छानकर या उबालकर इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
शहर के पुरानी बाजार, जगदीश गंज, शंकर बाजार सहित कई इलाकों में टैंकरों से जलापूर्ति की गई है। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों में टैंकरों से पानी पहुंचाने की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं रही। कई जगह रास्तों में जमा कीचड़ के कारण टैंकर फंस रहे हैं। जिन इलाकों में पानी पहुंच रहा है, वहां भी जरूरत के मुकाबले आपूर्ति कम है।
हर साल बाढ़ आती है, हर साल यही कहानी
चित्रकूट। धर्मनगरी में बाढ़ कोई नई आपदा नहीं है। हर साल मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ता है और रामघाट समेत निचले इलाकों में पानी भरता है। बाढ़ चौकियां बनती हैं, कंट्रोल रूम तैयार किए जाते हैं और अधिकारी व्यवस्थाओं का जायजा लेते हैं लेकिन बाढ़ का पानी उतरते ही असली परीक्षा शुरू होती है और इस बार भी वही तस्वीर सामने है। रामघाट से लेकर आरोग्य धाम, तरौंहा, गोबरिया सहित अन्य गांवाें में समस्या बन जाती है। (संवाद)
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