चित्रकूट। संयुक्त जिला चिकित्सालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया गया। डीएम शिवशरणप्पा जीएन ने कहा कि मानसिक रोग की बीमारी को गंभीरता से लेना चाहिए। मानसिक रोग सभी वर्गों के आयु के लोगों को होता है। मानसिक तनाव होना कोई बड़ी बात नहीं है। आज कल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल आदि का संचालन हो रहा है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
कार्यक्रम में डीएम ने कहा कि यहां पर संत महात्माओं से सब लोग अच्छे संस्कार सीखते हैं कि कैसे रहना है। मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से कहा कि इस तरह के कार्यक्रम कराते रहे। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जो गांव के लोग अंधविश्वास में हैं उनको जागरूक करना बहुत जरूरी है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भूपेश द्विवेदी ने कहा कि मानसिक रोग के बारे में सरकार काफी गंभीर है। इस युग में मोबाइल जो चला है वह लोगों से दूर कर दिया है। खुश रहने की जरूरत है। मन को अशांत न रखें। सीएमएस डॉ. शैलेंद्र कुमार ने कहा कि आज राष्ट्रीय मानसिकता कार्यक्रम के अंतर्गत विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जा रहा है। मनोचिकित्सक डॉ. नरेंद्र पटेल ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए जो सेवाएं दी जा रही है उसका लाभ लें। मरीजों को अपनी बीमारी को छुपाना नहीं चाहिए। डॉ. वंदना श्रीवास्तव सहित अन्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद रहे।