शिक्षक दिवस पर जिले भर के सभी विद्यालयों के शिक्षकों को सम्मानित किया गया। डीएम ने 64 शिक्षकों को उत्कृष्ट कार्य पर प्रमाण पत्र देकर हौसला बढ़ाया। राष्ट्रीय रामायण मेेला परिसर में आयोजित शिक्षक दिवस कार्यक्र्रम में डीएम मोनिका रानी ने मां सरस्वती व सर्वपल्ली राधाकृष्णनन के चित्र पर माल्यार्पण किया।
उन्होंने कहा कि आज के युग में मां के बाद शिक्षक ही बच्चों का दूसरा मार्गदर्शक व प्रेरक होता है। चित्रकूट जिले को प्रदेश में स्कूलों में स्वच्छता पर 12 वां स्थान मिला है। इसके लिए जिला बेसिक शिक्षाधिकारी के प्रयासों की सराहना की। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी आनंद प्रकाश शर्मा ने कहा कि यह कार्यक्रम शिक्षकोें की मेहनत व लगन से सफल हो रहा है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री अवध बिहारी सिंह ने कहा कि पहली बार जिले में शिक्षक दिवस पर इतना उत्साह देखा गया है। इस मौके पर सीडीओ ए दिनेश कुमार,सभी ब्लाकों के खंड शिक्षाधिकारी, प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष उदयभान सिंह, बाबूलाल गर्ग, लवलेश कुशवाहा, जितेंद्र सिंह, प्रदीप मिश्रा, ओमप्रकाश सिंह, रोशन सिंह, दिलीप सिंह पटेल, कमलेश सिंह, आनंद यादव, त्रिभुवन सिंह, रमेश सिंह, बृजेश कुशवाहा, बद्री नारायण कुशवाहा, अनूप मिश्रा, रामभूषण पांडेय व राजनारायण मौजूद रहे।
नगर शिक्षा समिति के जीडीएनडी कालेज, बैजनाथ भारद्वाज सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज, जेएम इंटर कालेज, बुइयाबाई इंटर कालेज, चित्रकूट इंटर कालेज, ज्ञानभारती इंटर कालेज, परमविद्या मंदिर, एमडी पब्लिक स्कूल रेहुंटिया विद्यालय व सेठ रामनाथ रामकिशुन सरस्वती शिशु मंदिर में भी शिक्षक दिवस मनाया।
सरैंया में इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक परिसर में वित्तीय साक्षरता शिविर एवं गृह गोष्ठी मनाई गई। बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक पीके पात्रा ने योजनाओं की जानकारी दी। इस मौके पर शिक्षक उमाशंकर पांडेय को शाल व श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड भोला प्रसाद सिंह, बलवीर सिंह, आरपी वर्मा, विष्णु सोनी, रमन शुक्ला व ओमप्रकाश द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
विद्यालय स्वच्छता पर बीएसए ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय सरैंया को प्रथम, पूर्व माध्यमिक विद्यालय शिवरामपुर को द्वितीय और पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोलगदहिया को तृतीय पुरस्कार दिया। इसके अलावा सात विद्यालयों को प्रमाण पत्र दिए।
बीएसए ने बताया कि जिले के प्राथमिक विद्यालय खरैहापुरवा के प्रधानाध्यापक दयाशंकर सिंह को राज्यपाल पुरस्कार दिया गया। जिसमें एक लाख रूपए का चेक भी दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान डीएम ने राष्ट्रपति व राज्यपाल पुरस्कृत 60 शिक्षकों को शाल पहनाकर सम्मानित किया। इसके लिए डीएम ने मंच से उतरकर सामने बैठे शिक्षकों के पास खुद पहुंचकर सम्मान दिया।