चित्रकूट। निजी जमीन से अवैध खनन की शिकायत में क्लीन चिट देने के मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने जिलाधिकारी से 21 अप्रैल तक हलफनामा मांगा है। किसान द्वारा अवैध खनन के फोटो और वीडियो प्रस्तुत करने के बाद यह आदेश आया है। जिलाधिकारी ने अब चार सदस्यीय टीम बनाकर मामले की दोबारा जांच के निर्देश दिए हैं।
यह मामला मऊ थाना क्षेत्र के करही गांव का है। यहां के निवासी जितेंद्र सिंह ने बताया कि बरिया गांव में उनके खेत गाटा संख्या 223 और 224 से कुछ लोग अवैध रूप से मिट्टी का खनन कर रहे हैं, जिससे खेत तालाब में बदल गए हैं। जितेंद्र सिंह ने तीन साल पहले भी अवैध खनन की शिकायत की थी। 11 फरवरी 2023 को तत्कालीन नायब तहसीलदार ने मौके पर जांच कर जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉली पकड़ी थी और प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी। इसके कुछ दिन बाद फिर से खनन शुरू हो गया।
खान निरीक्षक की रिपोर्ट और नई जांच
किसान ने 6 मार्च 2026 को जिला खनिज अधिकारी रणवीर सिंह से शिकायत की थी। खान निरीक्षक मंटू कुमार सिंह ने जांच में अवैध खनन न मिलने की रिपोर्ट दी, जिसके बाद किसान ने फोटो-वीडियो के साथ उच्च न्यायालय का रुख किया। न्यायालय के आदेश पर जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व चंद्रशेखर, मऊ एसडीएम रामऋषि रमन, सीओ फहद अली और जिला खनिज अधिकारी रणवीर सिंह की चार सदस्यीय टीम गठित की है। टीम को मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करने और जांच के बाद रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। जिला खनिज अधिकारी रणवीर सिंह ने बताया कि टीम की जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है और यदि खान निरीक्षक ने गलत रिपोर्ट दी है तो कार्रवाई की जाएगी।