चित्रकूट। एसपी कार्यालय के राघव प्रेक्षागार में शुक्रवार को एसजेपीयू, सीडब्ल्यूसी व एएचटीयू की मासिक बैठक हुई। इसमें बाल विवाह पर रोक लगाने को लेकर चर्चा हुई।
सीओ नगर अरविंद कुमार वर्मा ने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वाले बालक तथा पीड़ित की जन्मतिथि का सत्यापन आधार कार्ड से न करके विद्यालय के अंक-पत्र, जन्म प्रमाणपत्र, नगर निकाय, नगर पालिका या मेडिकल परीक्षण कराकर किया जाए। कहा कि कोई नाबालिग पीड़ित-पीड़िता है और उसके साथ कोई वयस्क व्यक्ति नहीं है तो बाल कल्याण इकाई के सदस्य खुद वादी बनकर प्राथमिकी दर्ज कराएं।
पीड़िता का तत्काल मेडिकल परीक्षण कराएं और आर्थिक रूप से कमजोर पीड़िताओं को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाएं। सीओ राजकमल ने कहा कि बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए कई टीमें गठित हैं, जो पूरे जिले में जाकर जांच के बाद कार्रवाई करती हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रगति गुप्ता ने कहा कि विधि का उल्लंघन करने वाले बालकों से अपराधी की तरह व्यवहार न किया जाए। गुमशुदा बच्चों के बरामद होने पर सीडब्ल्यूसी को सौंपे। इस मौके पर बाल संरक्षण अधिकारी सौरभ चंद्र सिंह, प्रभारी निरीक्षक थाना एएचटीयू योगेन्द्र प्रताप सिंह, महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन प्रभारी जयप्रकाश उपाध्याय मौजूद रहे।