डाकू बबुली कोल गैंग द्वारा किसान की गोली मारकर हत्या करने के बाद बुधवार देर रात डीआईजी मारकुंडी थानाक्षेत्र के डोडामाफी गांव पहुंचे। पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाकर पुुलिस अधिकारियों को गांव के आसपास कांबिंग तेज करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने बताया कि अक्सर इनामी डाकू बबुली कोल गैंग का डेरा गांव के आसपास रहता है। जिससे फिर पीएसी तैनात की जाए।
गौरतलब है कि गांव के देवीदीन का पुरवा के पास बुधवार की सुबह ढाई लाख के इनामी डाकू बबुली कोल गैंग ने किसान रामकरण यादव को गोलियों से भून दिया था। जिसके बाद पूरे गांव व आसपास के क्षेत्र में दहशत व्याप्त है। बुधवार की देर रात को ही र्डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी, एसपी केके चौधरी के साथ डोडामाफी गांव पहुंचे।
पीड़ित परिजनों से एक घंटे तक बातचीत कर सांत्वना दी और पुलिस अधिकारियों को गांव के आसपास नियमित गश्त करने के निर्देश दिए। डीआईजी ने बताया कि मृतक के परिजन अभी घटना के पीछे कोई ठोस कारण नहीं बता पा रहे हैं। फिलहाल अस्थाई तौर पर पीएसी व पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
मानिकपुर। डाकू बबुली कोल गैंग का अक्सर इसी क्षेत्र में मूवमेंट होने से डोडामाफी के ग्रामीणों के चेहरों पर दूसरे दिन भी भय दिखाई पड़ा। पुलिस के सामने तो कोई ग्रामीण खुलकर बात करने को तैयार नहीं था और किसी भी अजनबी को देख भयवश घर के अंदर चले गए। गुरुवार दोपहर को यह हालत रही कि पुरवा के आधे से ज्यादा घरों के दरवाजे बंद हो गए।
उधर, भाई की हत्या की जानकारी होने पर उसकी बहन गांव पहुंची और दरवाजे पर ही बेहोश हो गई। किसी तरह उसे होश में लाया गया इसके बाद उसके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। थानाध्यक्ष वीरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि मुख्यालय में पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाया गया और गुरुवार की सुबह गांव के बाहर अंतिम संस्कार कराया गया।
पूर्व मंत्री दद्दू ने जमकर कोसा
घटना की सभी राजनीतिक दलों ने कड़ी निंदा की है। सांसद भैराें प्रसाद मिश्र, विधायक वीर सिंह पटेल, विधायक चंद्रभान सिंह व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवशंकर सिंह यादव ने कहा कि डकैतों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। डकैतों के कारण गांव में भय व्याप्त है।
उधर, पूर्व मंत्री/ बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दद्दू प्रसाद ने गुरुवार को कालूपुर स्थित आवास पर पत्रकारों से कहा कि विधानसभा चुनाव में दखल देने के लिए दस्यु वारदात करने लगे हैं। आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल के नेता उनका सपोर्ट कर रहे हैं ताकि चुनाव में इनसे फायदा उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक से मिलकर जिले में 20 कंपनी पीएसी तैनात कराने की मांग की जाएगी। एक माह पूर्व महुलिया गांव के भइयालाल पाल का भी अपहरण कर बदमाशोें ने हत्या कर दी थी।