पहाड़ी (चित्रकूट)। थाना क्षेत्र के सिकरी सानी गांव में नौवीं की छात्रा ने फंदा लगाकर जान दे दी। घर में सो रही मां को इसकी भनक तक नहीं लगी। छात्रा की मौत का कारण पता नहीं चल सका।
सिकरी सानी गांव निवासी रामदयाल कोटार्य ने बताया कि उसकी चचेरी बहन अंजली देवी (15) कक्षा नौ की छात्रा थी। सोमवार की दोपहर मां प्रेमता देवी बीमार होने के कारण दवा खाकर सो गईं। चाचा नत्थू मजदूरी करने बाहर चले गए। तभी अंजली ने दुपट्टे से फंदा लगाकर जान दे दी। शाम को काम से लौटे नत्थू से शव फंदे से लटकता देखा। अंजली दो भाइयों में सबसे छोटी थी। दोनों भाई इंदौर में रहकर मजदूरी करते हैं। थाना प्रभारी रीता सिंह ने बताया कि परिजनों से कई बार खुदकुशी के कारण को जानने का प्रयास किया गया लेकिन पता नहीं चल सका। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद कुछ और जानकारी मिल सकती है।
पहले मां को दवा खिलाई, फिर फंदा लगाया
चित्रकूट। बीमार मां प्रेमता देवी ने बताया कि घर का पूरा काम अंजली ही करती थी। सुबह खाना बनाकर माता पिता को खिलाया। खुद भी खाना खाया इसके बाद पिता काम पर चले गये। दोपहर को अंजली ने मां को दवा खिलाई। दवा खाने के बाद वह गहरी नींद में सो गई। इसी बीच सूने घर में पुत्री ने इस घटना को अंजाम दे दिया। उसके पास कोई मोबाइल नहीं था। घर में एक मोबाइल था जो पिता के पास रहता है।