रामघाट स्थित स्वामी मत्गयेंद्रनाथ का जलाभिषेक करते श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
चित्रकूट। सावन के महीने में धर्मनगरी की रौनक बढ़ गई है। प्रमुख मंदिरों में भव्य सजावट के साथ झूले डाले गए हैं। झूलों में भगवान राम, लक्ष्मण, सीता की प्रतिमाओें को भी बैठाया गया है। देशभर से तीर्थ यात्रियों के आने से अलग-अलग संस्कृति का दृश्य देखने मिलता रहा है। नागपंचमी के त्योहार के दूसरे दिन से तीर्थ क्षेत्र में सुदूर क्षेत्र के पर्यटकों का आना शुरू हो जाता है जिसमेें महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ व बंगाल आदि राज्यों से बड़ी संख्या में तीर्थयात्री आते हैं। रैन बसेरा सहित होटलों में इस समय टूरिस्ट बसे खड़ी हैं। सावन माह में धर्मनगरी की प्रकृति को देखकर तीर्थयात्री मोहित हो रहे हैं। कामदगिरी पर्वत सहित विंध्य पर्वत में हरियाली छाई है। हनुमान धारा स्थित पहाड़ के ऊपर खडे़ होने से चित्रकूट का नजारा देखते ही बनता है। पहाड़ों से कई स्थानों में झरना बहते रहते हैं।