फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

55 हजार में सलमान और 51 हजार में रणवीर

Tue, 01 Nov 2016 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट
विज्ञापन
धर्मनगरी के मंदाकिनी किनारे लगा गधा मेला में मौजूद गधे-खच्चर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
मंदाकिनी किनारे विशाल गधा-खच्चर मेला लगाया गया। इसमें इस बार सलमान खान नामक गधे की सर्वाधिक 55 हजार रुपये कीमत लगी, जबकि रणवीर नामक गधे की कीमत 51 हजार रही। दीपिका, कैटरीना व अनुष्का नामक गधी-खच्चर भी खूब बिकीं। इसके बावजूद गधा-खच्चर विक्रेता असंतुष्ट होकर लौटे। क्योंकि पिछले साल से इस बार विक्रेताओं को पांच हजार रुपये तक कम दाम मिले है। इनका मानना है कि मोटर वाहनों ने उनके व्यवसाय को नुकसान पहुंचाया है।
विज्ञापन

सोमवार को गधा-खच्चर मेले में छत्तीसगढ़, मप्र, हिमाचल प्रदेश, यूपी, बिहार के व्यापारी एकत्र हुए। अपने गधे-खच्चरों को नहलाकर रंगा। कुछ व्यापारियों ने फिल्मी हीरो हिरोइन के नाम पर उनके नाम भी रखे थे। छत्तीसगढ़ के राजू प्रजापति के सलमान खान नामक गधे की कीमत सबसे ज्यादा आंकी गई। यह 55 हजार का बिका। इसी प्रकार हीरोइनों के नाम की गधी-खच्चर की कीमत 20 से 25 हजार तक आंकी गई। इन्हीं नस्ल के गधे-खच्चरे पिछले साल 55 से 60 हजार तक बिके थे। इस बार अधिकतम बोली 55 तक ही पहुंची। ज्यादातर खरीददार मंहगे दाम वाले मवेशी खरीदने से कतराते रहे।

कम हो रहा महत्व
चित्रकूट। रीवा के व्यापारी चुनकूराम ने बताया कि अब छोटे वाहनों के चलने से गधे-खच्चर का महत्व कम हो रहा है। इस व्यापार से जुडे लोग दूसरे धंधे अपना रहे हैं। सिर्फ ऊंचाई वाले और संकरी गलियों में मिट्टी गिट्टी, बार्लू इंट ढोने के लिए ही कई स्थानोें पर इनका उपयोग  है। यहां हिमाचल प्रदेश और झांसी के कई खरीददार आते हैं। हालांकि गधा-खच्चर शारीरिक रूप से मजबूत और हर मौसम में बेहतर काम करने की क्षमता होने के कारण उपयोगी होते हैं।
विज्ञापन



बचपन से इनका रखते ध्यान
चित्रकूट। फतेहपुर और शंकरगढ़ इलाहाबाद के गधे व्यापारी रामनिवाज और अशोक कुमार ने बताया कि मनोरंजन के लिए गधे-खच्चर के नाम फिल्मी सितारों के नाम रखते हैं। इन मवेशियों को बचपन से पालने और मजबूत बनाने के लिए कई साल प्रयास करते हैं। गांव में मजबूती और सुंदर दिखने के लिए गधा-खच्चरों में आपसी प्रतियोगिता भी करते हैं। इसी दौरान इनको फिल्मी नाम मिल जाते हैं।

औरंगजेब के जमाने से लग रहा मेला
 धर्मनगरी में औरंगजेब के जमाने से ही गधे मेले का आयोजन हो रहा है। स्वामी मत्यगयेंद्र नाथ मंदिर के पुजारी विपिन द्विवेदी ने बताया कि जब मुगल शासक औरंगजेब ने चित्रकूट क्षेत्र में डेरा जमाया था तब से दिवाली के दूसरे दिन गधा मेला लगता है। मान्यता थी कि इस मेले में सुदूर क्षेत्र के हर वर्ग के लाखों लोग एकत्र होते हैं। ऐसे में इस मेले से गधा व्यापारियों को भी एक स्थान पर व्यापार का मौका मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें