चित्रकूट। 29 अगस्त को आई भीषण बाढ़ का सबसे ज्यादा कहर मोक्षदायिनी मंदाकिनी के घाटों पर टूटा है। बाढ़ के पानी का तेज बहाव घाटों की सुंदरता को बहा ले गया।
कई जगह सीढ़ियों के पत्थर उखड़कर नदी में समा गए हैं, तो कई जगह बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। श्रद्धालुओं ने पितृ पक्ष से पहले घाटों को संवारने की मांग की है।
बाढ़ के कारण रामघाट, राघव प्रयाग घाट, यज्ञवेदी घाट और रामशैया घाट की संगमरमर की सीढ़ियां जगह-जगह से टूट गई हैं। घाटों पर मलबा, गाद और झाड़ियां जमा हैं, इससे श्रद्धालुओं का स्नान करना भी मुश्किल हो रहा है। अब पितृ पक्ष आने वाले हैं। पितृ पक्ष लाखों श्रद्धालु अपने पितरों के पिंडदान, तर्पण और मोक्ष के लिए मंदाकिनी तट पर आते हैं।
ऐसी मान्यता है कि मंदाकिनी में स्नान कर पितरों का तर्पण करने से उन्हें मोक्ष मिलता है। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी घाटों की सीढ़ियों पर ही बैठकर पूजा-पाठ करते हैं लेकिन टूटी सीढ़ियों की समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो हादसे हो सकते हैं।
पूर्ण सभा के बुद्ध प्रकाश सिंह व समाजसेवी अभिमन्यु सिंह और मंदाकिनी बचाव समिति के अध्यक्ष सुनील निषाद ने कहा कि पितृ पक्ष शुरू होने से पहले युद्धस्तर पर अभियान चलाया जाए। टूटी सीढ़ियों की मरम्मत, घाटों की सफाई कर सुरक्षा बैरिकेडिंग तुरंत ठीक कराई जाए। पितृ पक्ष से पहले घाटों को सजाना-संवारना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है।
वर्जन
पितृ पक्ष पर धर्मनगरी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, इस लिहाज से नगर पालिका को मंदाकिनी नदी के सभी घाटों की क्षतिग्रस्त सीढ़ियों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्य पितृ पक्ष से पहले पूरा करने को कहा गया है।- पुलकित गर्ग, जिलाधिकारी।