फोटो 14सीकेटीपी 09 विधान परिषद में संस्कृत स्कूलों के शिक्षकों का मुद्दा रखते एमएलसी ध्रुवकुमार
मऊ (चित्रकूट)। विधान परिषद में एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने संविदा संस्कृत शिक्षकों का मुद्दा उठाया। कहा कि बिना मानदेय शिक्षकों के स्कूल संचालित करना असंभव है। उनका भी मानदेय बढ़ाया जाना आवश्यक है। एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश में सनातन परंपरा और देववाणी संस्कृत को जीवित रखने में इन शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन अल्प मानदेय और अस्थायी व्यवस्था के कारण कई पाठशालाएं प्रभावित हो रही हैं। वर्तमान में हाईस्कूल और इंटर स्तर पर नियुक्त मानदेय शिक्षकों को 20 से 25 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। 11 माह का मानदेय दिया जाता है। कहा कि पूर्णकालिक शिक्षकों के अभाव में कई संस्कृत पाठशालाएं संविदा शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रही हैं। शिक्षक लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। सदन में मामला उठने के बाद संस्कृत शिक्षक उत्थान समिति के प्रदेश अध्यक्ष राजीव कुमार मिश्र, उपाध्यक्ष पुष्कर पांडेय, महामंत्री रवींद्र कुमार मिश्र आदि ने शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी को धन्यवाद देते हुए सरकार से जल्द से जल्द संस्कृत शिक्षकों को नियमित करने की मांग की है।