चित्रकूट। प्रमुख सचिव परिवहन व जिले के नोडल अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में धान क्रय, गोशाला का संचालन, कोविड-19, सिंचाई व विद्युत विभाग के कामों की समीक्षा की। सभी विभागों ने अपने काम की प्रशंसा की। नोडल अधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास से कुपोषित बच्चों के पुनर्वास का रिकार्ड मांगा।
जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय ने बताया कि कुपोषित बच्चों के परिवारों को गोशाला से दुधारू गाय दी जा रही हैं। नोडल अधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास मनोज कुमार को निर्देश दिए कि जिन कुपोषित बच्चों के परिवारों को गोवंश दिए गए हैं। उसमें कितने बच्चों के वजन में बढ़ोतरी हुई है। उसकी सूचना उपलब्ध कराएं।
सीडीओ अमित आसेरी ने बताया कि प्रतिदिन गूगल मीट के माध्यम से रोस्टर के अनुसार गोशाला संचालन की समीक्षा की जा रही है। अधिशासी अभियंता सिंचाई आशुतोष कुमार ने बताया कि जनपद में छोटी पंप कैनालों के माध्यम से सिंचाई का कार्य किया जा रहा है। इस पर प्रमुख सचिव ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए नहरों के माध्यम से टेल तक पानी पहुंचे, यह सुनिश्चित करें।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. केपी यादव ने बताया कि जिले में 303 गोशालाओं की स्थापना की गई है। इनमें 36 हजार से ज्यादा गोवंश संरक्षित किए गए हैं। समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव ने जिला कृषि अधिकारी बसंत कुमार दुबे से रबी व खरीफ फसलों के बारे में जानकारी ली। धान क्रय के संबंध में डिप्टी आरएमओ संजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में 14 क्रय केंद्र संचालित हैं। शासन से 15 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। बताया कि ग्राम वार रोस्टर के अनुसार धान बेचने के लिए क्रय केंद्रों की व्यवस्था की गई है।
मंडी सचिव से कहा कि जो किसान मंडी में धान बेच रहे हैं, वह शासकीय दर से कम या अधिक में बेच रहे हैं। इस पर मंडी सचिव ने बताया कि शासकीय दर से अधिक दामों पर किसानों द्वारा मंडी में धान बेचा जा रहा है। सीएमओ डॉ. विनोद कुमार से कोविड-19 के रोकथाम, बचाव व दवाओं आदि के बारे में विस्तृत जानकारी लेतेे हुए निर्देश दिए कि प्राथमिकता के आधार पर बूथवार वैक्सीन लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। सीएमओ ने बताया कि पूरे वर्ष में चार चरणों में कोविड वैक्सीन लगाने का कार्य जिला अस्पताल और प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में किया जाएगा।