चित्रकूट। बाल श्रमिकों को कार्य से हटाने, रेस्क्यू और पुनर्वास के लिए डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स की बैठक में सब कुछ ठीकठाक न मिलने पर डीएम शेषमणि पांडेय ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने नियमानुसार काम न होने पर उप श्रम आयुक्त व श्रम प्रवर्तन अधिकारी के खिलाफ शासन को पत्र भेजने के दिए निर्देश दिए हैं। बैठक में भरतकूप क्षेत्र में पत्थर की खदानों और क्रशर में बाल श्रम व नियमों का पालन न होने का मुद्दा छाया रहा।
सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी ने उप श्रम आयुक्त बांदा व श्रम प्रवर्तन अधिकारी को निर्देश दिए कि उप जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने के बाद अभी तक कोई कार्रवाई बाल श्रम उन्मूलन के संबंध में नहीं की गई है। यह स्थिति खेदजनक है। एडीएम से उप श्रम आयुक्त और श्रम प्रवर्तन अधिकारी से स्पष्टीकरण लेते हुए कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए। कहा कि कराए गए कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि खदानों और क्रशर का नियमित रूप से निरीक्षण करें। हर माह आख्या दें। नियोजक के दोषी पाए जाने पर बाल श्रम अधिनियम के अंतर्गत विधिक कार्रवाई की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बाल श्रमिकों के पुनर्वास को लेकर भी कार्रवाई करें। बाल श्रमिकों के लिए नियमानुसार शैक्षिक एवं आर्थिक पुनर्वासन की व्यवस्था कराई जाए। संबंधित सेवा योजकों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई करें।
19 जुलाई को अमर उजाला ने खदानों, क्रशर मिलों में नाबालिग कर रहे मजदूरी शीर्षक से खबर छापी थी। इसके बाद प्रशासन ने सुधि ली है। बैठक में अपर जिलाधिकारी जीपी सिंह, उप जिलाधिकारी कर्वी अश्विनी कुमार पांडेय, तहसीलदार कर्वी दिलीप कुमार, उप श्रम आयुक्त बांदा राजीव सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारी दुष्यंत कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी रामबाबू विश्वकर्मा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।