चित्रकूट। जिले में सहकारी केंद्रों पर डीएपी की भारी कमी है। रविवार को कई केंद्रों में डीएपी खत्म होने पर किसान बैरंग लौट गए। वहीं, निजी दुकानदार नैनो या बीज के साथ डीएपी देने की शर्त रख रहे हैं। इससे किसान परेशान हैं।
जानकारी के अनुसार, सहकारी व पीसीएफ केंद्रों पर तीन अक्तूबर को प्रति केंद्र 500 बोरी डीएपी भेजी गई थी। यह अब खत्म हो चुकी है। कुछ केंद्रों पर एनपीके खाद बची है, लेकिन किसान इसे ले नहीं रहे हैं। किसान लवलेश पटेल ने बताया कि सहकारी केंद्र कर्वी खुला तो मिला पर डीएपी नहीं थी।
कर्मचारियों ने बताया कि नई रैक आने पर ही खाद का वितरण होगा। खोही गांव के कमलेश सिंह ने कहा कि वह दो दिन से चक्कर काट रहे हैं पर खाद नहीं मिल रही। भौंरी गांव के भोला प्रसाद ने बताया कि केंद्र खुला था, लेकिन डीएपी न मिलने से वहां सन्नाटा था।
कई दिनों से खाद नहीं मिली
ऐचवारा, मानिकपुर, भदेदू, किहुनियां और पहाड़ी केंद्रों में पांच दिनों से डीएपी नहीं है। किसान राजेश और रामपाल ने बताया कि केंद्रों पर केवल एनपीके देने की बात कही जाती है। डीएपी से ही फसल की पैदावार बेहतर होती है।
नैनो लेने पर ही मिलती डीएपी
जिले में करीब 300 निजी खाद व बीज की दुकानें हैं। इनमें कुछ दुकानों पर ही डीएपी है। किसानों का कहना है कि दुकानदार डीएपी तभी देते हैं जब नैनो भी खरीदें। इससे कई किसान लौट आते हैं।
शासन से मुजेक कंपनी की 200 एमटी डीएपी का आवंटन हुआ है। इसे बरगढ़, गाहुर, सरैंया, मानिकपुर, रामपुर, किहुनिया, कर्वी समिति और पीसीएफ कर्वी में भेजा जाएगा। दो दिन में वितरण शुरू होगा। इसके अलावा बांदा से 1057 एमटी डीएपी खाद की नई रैक जिले को आवंटित की गई है जो जल्द पहुंचने पर किसानों बांटी जाएगी।
- राजेंद्र कुमार, सहायक उपायुक्त, सहकारिता विभाग