चित्रकूट। दीनदयाल शोध संस्थान में शरदोत्सव की समापन संध्या भक्ति और सुरों के नाम रही। मुंबई के प्रसिद्ध गायक श्रीराम अय्यर ने भजनों ने सभी का मन मोह लिया।
समारोह का शुभारंभ कामदगिरि पीठ के महंत मदन गोपाल दास, फलाहारी आश्रम के रामप्यारे दास, नर्मदापुरम सांसद दर्शन चौधरी, सीधी सांसद राजेश मिश्रा और बांदा कृषि विवि कुलपति प्रो. एसबीएस राजू ने नानाजी देशमुख की प्रतिमा पर दीप जलाकर किया।
सांसद दर्शन चौधरी ने कहा कि राजसत्ता छोड़ वनवासियों का आत्मविश्वास जगाया। सांसद ने कहा कि नानाजी का मॉडल ही 2047 के विकसित भारत का मार्ग है। मंच पर अय्यर ने गणेश वंदना से शुरुआत कर देवा श्री गणेशा, अच्युतम केशवम, कभी राम बनके, बम लहरी, पायो जी मैंने राम रतन और राम राम जय राजा राम भजनों से पंडाल भक्तिमय कर दिया।
साथ में नीव कनानी, विदिता, राहुल सिरिशकर, अंकित सोनोने, शुभम सेठ, आदित्य बुद्धा और रोहन खंगारे ने संगत की। इससे पहले मैहर वाद्यवृंद ने शास्त्रीय राग, लोक और पाश्चात्य धुनों के संगम से मंत्रमुग्ध कर दिया।
नलतरंग, वायलिन, सरोद, सारंगी की जुगलबंदी ने खूब तालियां बटोरीं। संचालन साकेत शुक्ला, अशोक दीक्षित और रीना मालवीय ने किया। अंत में अभय महाजन ने कलाकारों का अभिनंदन किया।
फोटो 28 सीकेटीपी 01 कलाकारों का स्वागत करते आयोजक। स्रोत: आयोजक
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