चित्रकूट। अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट राममणि पाठक ने कुख्यात डकैत रज्जन पटेल को पुलिस टीम पर फायरिंग के दो अलग-अलग मामलों में सात-सात साल की कैद सुनाई है।
उस पर 11,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। लगभग आठ साल से जेल में बंद डकैत ने कोर्ट में अपना जुर्म कबूल किया था, जिसके बाद यह फैसला आया।
मंगलवार को कोर्ट ने दोनों मामलों में सजा सुनाई। पहला मामला 21 अक्तूबर 2017 का है। मारकुंडी थाने के प्रभारी मनोज कुमार शुक्ला को सूचना मिली थी कि रज्जन पटेल माडो पहाड़ में छिपा है। पुलिस की घेराबंदी पर डकैतों ने फायरिंग की, जिसमें एक डकैत घायल हुआ। थाना प्रभारी की कमर से सटकर निकली गोली से उनका हैंडसेट टूट गया।
घटनास्थल पर झाड़ियों में घायल अवस्था में छीतूपुर मजरा ददरीमाफी निवासी रज्जन पटेल मिला, जो भागने की कोशिश कर रहा था। उसके पास से रायफल और कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने उसे एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया। विवेचना तत्कालीन निरीक्षक केशव प्रसाद दुबे ने कर 13 अप्रैल 2018 को आरोप पत्र दाखिल किया था।
दूसरा मामला 11 जनवरी 2016 का है, बहिलपुरवा थाने के एसआई राधेश्याम द्विवेदी को सूचना मिली थी कि गैंग लीडर कमला यादव अपने साथियों के साथ छीतूपुर के लोहारन भौटी में असलहों से लैस है। पुलिस के रोकने पर डकैतों ने फायरिंग कर दी।
पुलिस ने रज्जन पटेल को गिरफ्तार किया था। इस मामले में दो अन्य पर भी प्राथमिकी दर्ज हुई थी। विवेचना एसआई प्रभुनाथ ने कर 29 फरवरी को आरोप पत्र दाखिल किया था। मंगलवार को दोनों मामलों में कोर्ट ने सजा सुनाई।