वैसे भी देश में शेरों की संख्या कम होती जा रही है।
अब पड़ोसी जनपद के पन्ना टाइगर्स प्रोजेक्ट से एक शेरनी भाग कर चित्रकूट
जिले के जंगल में घुस गई है।
इसे ढूंढने के लिए पन्ना, सतना और जिले के वन
विभाग अधिकारी जुटे हैं। शेरनी के गले में पड़ा ट्रांसमीटर के लोकेशन के
अनुसार वह मानिकपुर के चूल्ही जंगल में है। जिसकी घेराबंदी करने को दो हाथी
व बेहोशी करने वाली दवायुक्त रायफल लिए एक दर्जन कर्मचारी जंगल में हैं।
शनिवार
को पन्ना व सतना जिले के वन विभाग के अधिकारी नन्हें सिंह चौहान, राजेश
दीक्षित, आलोक कुमार व डा.संजीव गुप्ता बोलेरो से देवागंना के जंगल पहुंचे।
विशेष वाहन से दो हाथी व एक दर्जन सुरक्षा कर्मी भी वहां पहुंचे।
पन्ना
टाइगर्स प्रोजेक्ट के अधिकारी नन्हे सिंह ने बताया कि दो दिसंबर को पन्ना
से एक शेरनी भाग गई है, जिसकी तलाश में अब तक अमरावती, भेंडा, भांटी बांध व
धारकुंडी के आसपास छानबीन की गई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
मध्यप्रदेश
के वन विभाग के अधिकारियों की टीम जैसे ही मानिकपुर के छेरिहा जंगल पहुंची
तो उनकी मदद के लिए डीएफओ बीके मिश्रा के निर्देश पर डिप्टी रेंजर भोला
सिंह, राजनारायण वर्मा, संजय वर्मा, नत्थूराम कुशवाहा व अर्जुन प्रसाद भी
अस्त्र-शस्त्र के साथ जंगल पहुंचे।
टीम जंगल में पहुंची तो शेरनी की लोकेशन
चूल्ही जंगल के आसपास मिली। इसके बाद हाथियों व सुरक्षाकर्मियों के साथ
चित्रकूट जनपद के वन अधिकारी भी उसी ओर गए।
सूचना के अनुसार शेरनी को अब तक
पकड़ा नहीं जा सका। उधर, जंगल में शेरनी होने की जानकारी होते ही चरवाहों
में भय व्याप्त हो गया है। मानिकपुर क्षेत्र के जंगली क्षेत्र में रहने
वाले चरवाहों ने बताया कि हाथी व सुरक्षा कर्मियों को देखकर मवेशी घबड़ाए
हैं। अब शेरनी की मौजूदगी पर ज्यादा चिंता हो रही है।