प्रभावित किसान अपनी व्यथा मंत्री शिवपाल सिंह से बताने आए थे लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें मिलने नहीं दिया। मंत्री को दिखाने के लिए लाई बरबाद फसल की बालियों को किसानों ने वहीं पर जलाकर बाद में विरोध भी जताया।
कलेक्ट्रेट में ब्योहरा के रवीकांत पांडे ने बताया कि गांव में आपदा के बाद लोगों के पास खाने के लिए नहीं है। अधिकारी गांव नहीं जाते, लेखपाल सुनता नहीं। मंत्रीजी से शिकायत को आए थे लेकिन मिलने नहीं दिया गया।
चुन्ना ने कहा, ‘फसल बरबाद हुइगे, हमैं मंत्री से मिलैं नहीं दीन गा, न त बतउते उनते।’ कई किसानों ने कहा कि हालात ऐसे हैं कि अब उनके सामने पलायन का रास्ता है। पुरवा तरौंहा के शिवकरण, रविकरण, जगनंदन त्रिपाठी, श्यामकरण पांडे, चंद्रपाल यादव, छोटू आदि ने आरोप लगाया कि लेखपाल ने कुछ को मुआवजा दिया है, वह भी कुछ रुपयों का चेक।