दैवी आपदा से जूझ रहे किसानों के लिए अन्ना प्रथा
अभिशाप बना हुआ है। इस पर लगाम कसने के लिए शासन के लाखों रुपये के बजट का
कोई प्रभाव नहीं दिख रहा।
इससे परेशान किसानों का गुरुवार को आक्रोश फूट
पड़ा। कलेक्ट्रेट मार्ग के दोनों ओर बसे गांव के खेतों में घूम रहे लगभग दो
सैकड़ा अन्ना मवेशियों को ग्रामीणों ने अभियान चलाकर पकड़ लिया।
आक्रोशित
ग्रामीण सभी मवेशी लेकर कलेक्ट्रेट जा रहे थे, लेकिन कुछ लोगों के समझाने
पर सभी मवेशियों को कुली तलैया गांव के एक बाउंड्री के अंदर रखा गया। इसके
बाद हाथों में डंडे लेकर ग्रामीण अन्ना प्रथा पर रोक लगाओ के नारे लगाते
हुए डीएम कार्यालय पहुंचे। लगभग एक घंटे तक कलेक्ट्रेट गेट पर उसके बाद
डीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठे रहे।
किसानों ने कहा कि दैवी आपदा से
त्रस्त किसानों को अन्ना प्रथा ने तोड़ दिया है। इस समय खेतों में थोड़ी
बहुत फसल है तो, इन मवेशियों के कारण सुरक्षित नहीं है। पहले किसान रात भर
पानी सींचने के लिए जागता था अब मवेशियों को भगाने के लिए खेतों की रखवाली
करता है।
किसानों ने आरोप लगाया कि लगभग दो वर्ष पूर्व अन्ना प्रथा रोकने
के लिए प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड को विशेष पैकेज भेजा था, लेकिन संबधित
विभाग के अधिकारी इसे पचा गए। अन्ना प्रथा से सोनेपुर, गढ़ीवा, सिद्धपुर,
डिलौरा, तेजीपुर, कुली तलैया व कर्वी माफी के किसानों को नुकसान हो रहा है।
प्रदर्शनकारियों
ने जब जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर समस्या बताई तो उन्होंने मौके पर
अधिकारियों को भेजने की बात कही। इसके बाद ग्रामीण कुली तलैया लौट आए।
काफी देर तक कोई अधिकारी नहीं आया तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए। जानकारी
मिलते ही सदर विधायक वीर सिंह पटेल गांव पहुंचे और समस्या का समाधान कराने
का आश्वासन दिया। इसके बाद डीएम नीलम अहलावत, एडीएम महेश चंद्र शर्मा, सदर
एसडीएम रजनीश मिश्रा व कोतवाल रनवीर सिंह मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों को
आश्वस्त किया कि उनकी समस्या का समाधान होगा। अन्ना मवेशियों के खिलाफ
अभियान चलेगा। जिलाधिकारी
ने मवेशियों को अभी न छोड़ने की बात कही। इसके बाद जिनकी मवेशी हो उसे
बुलाकर सख्त निर्देश दिए जाएं कि अपने मवेशी घर में बांधकर रखें। उन्होंने
मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था करने को कहा।
स्थानीय
ग्रामीणों ने गुरुवार की देर शाम बताया कि मवेशियों के लिए प्रशासन की ओर
से चारे का अब तक कोई इंतजाम नहीं हुआ। ग्रामीणों ने स्वयं इंतजाम कर भूखे
मवेशियों को भोजन कराया। ग्रामीणों ने कहा कि पकड़े गए मवेशियों को प्रशासन
सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाए।