नौ दिन से लापता युवक का शव शनिवार को सरैया गांव के कुएं में मिला है। पुलिस ने हत्या के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो लोग फरार हैं। हत्या की वजह पुरानी रंजिश बताई जा रही है। फिरौती के लिए फोन आना और सर्विलांस के जरिए ही आरोपी को पकड़ा जा सका।
18 मई की शाम को मानिकपुर थानाक्षेत्र के सरैया गांव के पास खेल रहे संजू उर्फ संजीव केशरवानी (18) पुत्र तीरथ प्रसाद को गांव के बृजेंद्र आरख पुत्र फूलचंद्र ने पुरानी रंजिश के चलते अगवा कर लिया था। इसमें बृजेंद्र की मदद उसके मामा कौशांबी के गणेशपुर निवासी मुन्ना पुत्र श्यामलाल और उसके दोस्त छोटू ने की थी। 19 मई को संजीव के परिजनों ने सरैया चौकी व मानिकपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। 20 को हत्या की आशंका जाहिर कर उसके खोजबीन की मांग पुलिस से की। इसके बाद संजीव के घर अपहरणकर्ताओं ने मोबाइल और पत्र भेजकर 20 लाख फिरौती की मांग की।
फिरौती की मांग आते ही पुलिस अफसर चौकन्ना हो गए। एसपी मनोज झा और अपर एसपी बलवंत चौधरी ने खुद गांव जाकर खोजबीन की। मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया गया। इसके बाद पुलिस ने बृजेंद्र आरख को गांव के पास से ही दबोच लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर सारा राज खुल गया। शनिवार को उसकी निशानदेही पर पुलिस ने संजीव का शव घर के एक किमी दूर स्थित कुएं से बरामद किया है।
एसपी ने बताया कि तीनों अपहरणकर्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। दो अन्य आरोपी को पकड़ने के लिए दो पुलिस टीमें गठित की गई हैं। एसपी ने बताया कि संजीव की 18 मई को ही गला घोटकर हत्या कर दी गई थी। इसके पीछे पुरानी रंजिश बताई जा रही है। संजीव केशरवानी के पिता सरैया में परचून की दुकान चलाते हैं। कर्वी में एक मकान है जिसका किराया आता है। तीन भाई एक बहन में संजीव सबसे छोटा था। इसी साल उसकी बहन की शादी हुई है। संजीव क्रिकेट का बेहद शौकीन था। वह बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था।
अपहरण के बाद शव मिलने से नाराज संजीव के परिजन व ग्रामीणों ने पुलिस कार्यशैली पर सवाल उठाए। नारेबाजी करते हुए ग्रामीणों ने मानिकपुर कर्वी मार्ग पर जाम लगा दिया। संजीव के परिजनों ने हत्यारे के पूरे परिवार को जेल भेजने की मांग की। लगभग आधे घंटे तक जाम लगा रहा। पुलिस अधिकारियों के समझाने पर जाम खुल सका।