कालेज में प्रवेशपत्र न मिलने से चितिंत छात्रा ने ट्रेन के आगे छलांग
लगाकर जान दे दी। गुस्साए परिजनों और अन्य ग्रामीणों ने घटना की पूरी
जिम्मेदारी कालेज के प्रबंधक और प्रधानाचार्य पर डाल हाइवे पर जाम लगा
दिया। लगभग डेढ़ घंटे तक जाम लगा रहा। इससे दोनों ओर का आवागमन ठप हो गया।
सूचना पाकर पहुंचे एएसपी व सीओ ने समझाकर कार्रवाई का भरोसा दिया, तब जाम
हटाया। कोतवाल केपी दुबे ने बताया कि छात्रा के पिता ने प्रबंधक और
प्रधानाचार्य के खिलाफ तहरीर दी है, जांच की जा रही है।
कोतवाली अंतर्गत
रेहुटिया निवासी बाबूलाल प्रजापति की बेटी मंटू देवी (16) सुबह रोज की तरह
कालूपुर पाही स्थित कल्याण भारती इंटर कालेज गई थी। इंटर की छात्रा मंटू
को आज प्रवेश पत्र लेना था। परिजनों का आरोप है कि प्रधानाचार्य करुणेश
कुमार और प्रबंधक जागेश्वर प्रसाद ने प्रवेश पत्र देने के नाम पर पैसा
मांगा।
छात्रा ने यह कहा कि वह पहले ही पैसा दे चुकी है और अब नहीं देगी।
परिजनों के अनुसार, जब वे नहीं माने तो हताश होकर उसने कहा कि अगर प्रवेश
पत्र नहीं मिला तो वह जान दे देगी। आरोप है कि इस पर प्रधानाचार्य ने कहा,
जाओ मर जाओ। छात्रा ने इस बात का जिक्र अपनी सहपाठियों से किया था। बाद में
जब वह घर नहीं पहुंची तो हड़कंप मचा।
खोजबीन हुई तो उसका शव कालेज के पीछे
से निकली रेलवे लाइन पर क्षत विक्षत अवस्था में पड़ा मिला। माना जा रहा है
कि वह दोपहर को लगभग तीन बजे वहां से गुजरने वाली कानपुर पैसेंजर के सामने
छलांग लगाकर कूदी है और उसकी दुखद मौत हो गई। उधर, घटना की जानकारी होते
ही ग्रामीणों ने परिजनों के साथ हाईवे पर जाम लगा दिया।
इनकी मांग थी कि
आरोपी पिता पुत्र (प्रबंधक और प्रधानाचार्य) को गिरफ्तार किया जाए। लगभग
डेढ़ घंटे बाद वहां पहुंचे एएसपी आरडी चौरसिया, सीओ सिटी श्रीपाल यादव और
कोतवाल केपी दुबे ने भीड़ को समझाया तब कहीं जाकर जाम खुला।
कोतवाल ने
बताया कि छात्रा के पिता ने तहरीर दी है, इसमें प्रबंधक और प्रधानाचार्य,
जो पिता पुत्र हैं को दोषी बनाया गया है। मामले की जांच की जाएगी और उसी
आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्हंोंने बताया कि परिजनों का यही आरोप है कि
प्रवेश पत्र न मिलने से दुखी होकर छात्रा ने जान दी है।