धूमनगंज के गढ़वा मोहल्ले में रविवार दोपहर पिता ने छठवीं में पढ़ने वाली बेटी को पढ़ाई के लिए डांट दिया। इससे क्षुब्ध छात्रा चुपचाप कमरे में चली गई और फांसी लगा ली। रात में मां काम से लौटी तो बेटी के फांसी के फंदे पर झूलते देख चीख पड़ी। बेटी की मौत से परिवार के लोग सदमे में डूब गए।
पीपलगांव के गढ़वा मोहल्ले का रहने वाला अनिल कुमार पेंटर है। अनिल ने रविवार दोपहर छठवीं में पढ़ने वाली बेटी निधि (14) को पढ़ाई के लिए डांट दिया। इसके बाद अनिल काम पर चला गया। पत्नी भी बाहर चली गई। घर में बच्चे ही थे। निधि चुपचाप अपने कमरे में गई और दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी के फंदे से लटक गई। रात मां-बाप घर लौटे तो निधि को सामने न पाकर उसके कमरे गए। कमरे के अंदर का नजारा देख उनकी आंखों से आंसू निकलने लगे।
रोने की आवाज सुनकर पड़ोसी भी आ गए। फंदा काटकर शव नीचे उतारा गया। निधि की मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है। चौकी प्रभारी पीपलगांव सुनील सिंह ने बताया कि घरवालों के मुताबिक निधि मानसिक रूप से कुछ कमजोर थी। जिसके चलते उसका पढ़ने में कम मन लगता था।