अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। पुलिस मुठभेड़ के बाद जंगल में भागे पांच लाख तीस हजार इनामी डाकू बबुली कोल गैंग के सदस्यों की महुली व बेधक के जंगल में मौजूदगी की संभावना पर पुलिस टीमों ने घेराबंदी की है। देर शाम तक एसपी के नेतृत्व में तीन टीमें दोनों जंगल के आस पास मौजूद हैं।
डाकू बबुली कोल गैंग से पुलिस की गुरुवार को तड़के मानिकपुर थानाक्षेत्र के औदर जंगल में सीधी मुठभेड़ हुई थी। जिसमें एक दरोगा शहीद व एक घायल हुए थे। सुबह से शाम तक चली मुठभेड़ में सरगना समेत डाकू लवलेश व कई के गोली लगने की संभावना जताई गई थी। इसके बाद से भागे डाकुओं की तलाश जारी है। सातवें दिन बुधवार को अभी तक पुलिस को सफलता नहीं मिली हैद्ध
यह मुठभेड़ पिछले बुधवार की रात से ही घेराबंदी के रूप में शुरु हुई थी। अब एक सप्ताह पूरे होने के बाद बुधवार को महुली व बेधक जंगल में घायल डकैतों की मौजूदगी की संभावना पर पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक बलवंत चौधरी व मानिकपुर थानाध्यक्ष साजिद खान की तीन टीमों ने इन जंगलों के आस पास मोेर्चा ले रखा है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही डकैतों केा पकड़ा अथवा मारा जाएगा।
डकैतों तक पहुंच गई मदद, एक दर्जन को उठाया
चित्रकूट। डकैतों की तलाश में शिकंजा कस रही पुलिस ने माना है कि जंगल तक मदद पहुंच चुकी है। जिससे डकैतों को दवा व भोजन मिल गया है। अब इस पर कड़ाई से रोक लगाने के लिए मददगारों के अलावा सफेदपोशों पर भी नजर गडाई है। बुधवार को अलग-अलग थानाक्षेत्र से एक दर्जन लोगाें को पकड़ा गया है। जिसमें ज्यादातर ग्रामीण ही हैं। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इन सभी से पूछताछ की जा रही है। हर हाल में मददगारों पर कार्रवाई होगी और निर्दोष को छोड़ा जाएगा।
घायल दरोगा का जाना हाल
चित्रकूट। डकैतों की गोली से घायल दरोगा वीरेंद्र त्रिपाठी का इलाहाबाद में इलाज चल रहा है। एसपी के निर्देश पर अपर एसपी बलवंत चौधरी ने इलाहाबाद जाकर घायल का हालचाल जाना। उनके परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। अपर एसपी ने बताया कि घायल दरोगा की हालत में तेजी से सुधार है और खतरे की कोई बात नहीं है।