शहर कोतवाली क्षेत्र में बुधवार सुबह प्रधान चुनाव की रंजिश में दो पक्षों में गोलियां चल गईं। इस दौरान गोली लगने से एक युवक की मौत हो गई। जबकि 11 लोग घायल हो गए। इनमें से चार गोली लगने से जख्मी हुए हैं। एक युवक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल से लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर किया गया है।
करीब 20 राउंड फायरिंग से इलाके में सनसनी फैल गई। गांव में तनाव को देखते हुए पीएसी तैनात कर दी गई है। बताते हैं दोनों पक्षों में इन दिनों क्रबिस्तान की जमीन पर रास्ते को लेकर तनातनी चल रही थी। उधर, आरोप है कि विवाद की सूचना के बाद भी पुलिस समय से नहीं पहुंची।
शहर कोतवाली क्षेत्र के बड़ागांव भुर्जिहा निवासी वसीम (28) का प्रधानी चुनाव से ही मौजूदा प्रधान लतीफ से विवाद चल रहा है। इन दिनों क्रबिस्तान की एक जमीन को लेकर दोनों पक्षों में तनातनी थी। बताते हैं कि गांव में निकलने के चार रास्ते हैं। एक रास्ते में प्रधान ने बल्लियां लगा दी हैं। जबकि दूसरे रास्ते पर ट्रॉली खड़ी कर दी है। तीसरा रास्ता प्रधान के दरवाजे से होकर गुजरता है। जबकि चौथा रास्ता क्रबिस्तान जमीन से होकर जाता है।
प्रधान क्रबिस्तान की जमीन पर तार से मेड़ बंदी कर यह रास्ता भी बंद कर रहे थे। इसी बात को लेकर बुधवार को दोनों पक्षों में विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों से करीब दो दर्जन लोग लाठी-डंडे से लैस होकर आमने-सामने आ गए और मारपीट शुरू हो गई। इसी बीच प्रधान लतीफ पक्ष ने लाइसेंसी व अवैध असलहों से फायरिंग शुरू कर दी।
इससे वसीम, शेर अली (58), तौफीक अली (25), सलीम (20), मासूम अली (55) फायरिंग की चपेट में आकर घायल हो गए। जबकि शरीफ, नफीस व जफर लाठी-डंडों से चोटिल हो गए। बवाल में दूसरे पक्ष से प्रधान लतीफ के भाई राशिद (50), रफीक (52), परिवार के इरफान (21) व खलील (42) लाठी लगने से घायल हो गए।
उधर, फायरिंग से गांव में भगदड़ मच गई। ग्रामीणाें के विरोध पर फायरिंग कर रहे लोग भी असलहों समेत मौके से भाग निकले। इसके बाद घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया। लेकिन सिर में गोली लगने की वजह से तौफीक ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने तौफीक को मृत घोषित कर दिया। जबकि अन्य घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कर लिया।
इसी बीच सलीम की हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। उधर, सूचना मिलने के बाद एसपी मृगेंद्र सिंह कई थानों की फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। एसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ग्रामीणों से पूछताछ की। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। गांव में तनाव को देखते हुए डेढ़ सेक्सन पीएसी तैनात कर दी गई है।
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वसीम पक्ष का कहना है कि सूचना देने के बाद भी पुलिस समय से गांव नहीं पहुंची। पहले सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद लोग घायलों को लेकर जिला अस्पताल भागे। इस दौरान करीब एक घंटे का वक्त लग गया। बावजूद इसके पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। जबकि शाह महोली पुलिस चौकी गांव से महज 3 किलोमीटर दूरी पर है। जबकि शहर कोतवाली 9 किलोमीटर दूर है। इतनी दूरी तय करने में पुलिस को एक घंटा लग गया। पीड़ितों का कहना है कि अगर तत्काल पुलिस व एंबुलेंस पहुंचती तो शायद तौफीक की जान बचाई जा सकती थी।
लतीफ व वसीम के परिवार के बीच रंजिश की वजह बीता प्रधानी का चुनाव बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि 2015 में हुए प्रधानी के चुनाव में लतीफ के सामने वसीम भी खड़ा था। चुनाव में जहां लतीफ को जीत हासिल हुई थी, वहीं वसीम चुनाव हार गया था। बताते हैं कि यह चुनाव ही लतीफ व वसीम पक्ष के बीच रंजिश की वजह बन गया। जिसके बाद दोनों पक्ष एक दूसरे को नीचा दिखाने का एक भी मौका नहीं छोड़ रहे थे।
बताया जा रहा है कि क्रबिस्तान की भूमि पर रास्ते को लेकर प्रधान लतीफ ने एतराज जताया था। इसको लेकर मंगलवार को प्रशासन के अधिकारियों ने पुलिस बल की मौजूदगी में पैमाइश भी की थी। इस घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था। जिसका नतीजा बुधवार सुबह दोनों पक्ष भिड़ गए।