राजापुर (चित्रकूट)।
थानाक्षेत्र में चार बच्चों और उनकी मां की हत्या कर शव बोरे में बंद कर फेंकने के मामले का पुलिस ने अपने स्तर पर खुलासा कर दिया है। पुलिस का दावा है कि अमान गांव के अवधेश ने ही अपनी पत्नी मंटू देवी के साथ मिलकर पांचों की हत्या की। आरोपी पति-पत्नी फरार हैं।
उनके परिजनों से लेकर गांव के लोग भी धीरे-धीरे जुबान खोलने लगे हैं।
मंगलवार की सुबह राजापुर क्षेत्र के सिकरी व अमान गांव के पास दो बोरे में चार बच्चों और बुधवार को इन्हीं बच्चों की मां का बोरे में बंद शव तालाब में मिलने से सनसनी फैली है।
अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि गुजरात में काम करने के दौरान अवधेश यादव का बिहार की रानीदेवी से प्रेमप्रसंग हो गया।
दो साल तक दोनों के बीच गहरे रिश्ते होने के बाद वह पति-पत्नी की तरह रहने लगे। इसके बाद महिला रानी देवी ने अवधेश से गांव चलकर बच्चों सहित वहीं रहने की जिद की। जिस पर वह 18 अप्रैल को आया लेकिन गांव न जाकर वह राजापुर में ननकू मास्टर के घर में किराए से रुका।
23 को वह बच्चों व रीना को लेकर चित्रकूट घूमने निकला और फिर 24 की रात को राजापुर से पगडंडी के रास्ते सभी को लेकर अमान में अलग बने घर में ले आया जहां उसकी पत्नी मंटू देवी भी मौजूद थी।
अपर पुलिस अधीक्षक के अनुसार रानी ने उसकी दूसरी पत्नी बनकर गांव में ही रहने की जिद की। जिस पर योजनाबद्ध तरीके से अवधेश व मंटूदेवी ने मिलकर सभी को मार डाला। यह भी आशंका जताई गई है कि लगातार पांच मर्डर के दौरान कोई शोर नहीं हुआ तो कहीं पांचों को पहले खाने में कुछ जहर आदि तो नहीं दिया गया या फिर उनके सोने के बाद घटना अंजाम दी गई।
यह पोस्टमार्टम के बाद पता चलेगा। महिला पर तेजाब डालने का कारण उसकी पत्नी मंटू की ईर्ष्या माना जा रहा है। यह भी दावा है कि इसके बाद वह मंटू के साथ मिलकर ही बाइक से बारी बारी से तीनों बोरों को गांव के आस-पास फेंककर गायब हो गया। अवधेश ने परिजनों से अलग घर बनवा रखा है और यह घर तालाब से बेहद नजदीक है।