फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीमावर्ती इलाके में दहशत फैला रहा है डाकू ललित

Tue, 04 Jul 2017 10:58 PM IST
चित्रकूट
विज्ञापन
डाकू
विज्ञापन
सुधीर अग्रवाल
विज्ञापन

चित्रकूट। कुख्यात डाकू ददुआ, ठोकिया, रागिया व बलखड़िया के बाद अब क्षेत्र में डाकू ललित पटेल पुलिस के लिए चुनौती बनने की राह में है।फिलहाल तो उसका इलाका अभी मप्र क्षेत्र ही है लेकिन डाकू गोप्पा से गैंगवार और पुलिस से भी मुठभेड़ करने के बाद इसकी दहशत फैली है। गैंग में आधा दर्जन सदस्य लेकर वारदात कर रहा यह गैंग चित्रकूट व बांदा क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है।
      जिले में पहले से पांच लाख तीस हजार के इनामी डाकू बबुली कोल, एक लाख पांच हजार के इनामी डाकू गोप्पा और एक लाख के इनामी डाकू गौरी यादव गैंग की दहशत है। उस पर अब यह तीस हजार का इनामी डाकू ललित  पटेल ने नए सिरे से क्षेत्र में बादशाहत  हासिल करने का प्रयास शुरू किया है। फतेहगंज क्षेत्र में लोगों को पीटना, भरतकूप क्षेत्र में मनरेगा का काम रोकना, तेंदू पत्ता फड़ को जलाने और शिवरामपुर के दो भाइयों का फिरौती के लिए अपहरण करना जैसी घटनाओं से स्पष्ट है कि अब इस गैंग ने मप्र के सीमावर्ती क्षेत्र में दहशत का डंका पीटना चाहता है।
विज्ञापन

       थर पहाड़ के नीचे कोल्हुआ के जंगल में जिस अंदाज में तीन ग्रामीणों की हत्याकर पेड़ के पास लाकर आग से जला दिया है उससे गैंग की क्रूरता का अहसास भी होता है। मृतकों में दो पर डाकू गोप्पा गैंग के मददगार होने के   शक पर अपहरण कर मारा और तीसरे को जंगल में लकड़ी काटने जाने पर पकड़कर मार डाला। सूत्रों के अनुसार  एक माह पूर्व ही मृतक मुन्ना यादव थर पहाड़ के क्षेत्र में एक कार्यक्रम में था।वहीं डाकू ललित भी मौजूद था और रात को डाकू गोप्पा गैंग भी पहुंचा था। कार्यक्रम के दौरान दो गैंग की मौजूदगी पर ग्रामीण तो दहशत में थे लेकिन ललित ने डाकू गोप्पा से इलाका छोड़ने केा कहा था। जिस पर बहस के बाद दोनों में गैंगवार हुआ था। इस घटना के चार दिन बाद ही चित्रकूट पुलिस की ललित गैंग से मुठभेड़ हुई। जिस पर ललित गैंग को मुन्ना यादव पर ही शक था कि इसने उसे मरवाने के लिए गोप्पा व बाद में पुलिस को बुलाया है। इसी का बदला लेने के लिए 30 जून को गांव से ही उसका अपहरण किया था।

अपहरण के दूसरे ही दिन मार डाला
चित्रकूट। (ब्यूरो)। 30 जून को मुन्ना का गांव से अपहरण करने के बाद रास्ते में मिले रामप्रसाद के माध्यम से पथरा के एक युवक को डाकू गैंग ने बुलाया। मंगलवार की सुबह घटनास्थल पर मिले कंकाल से लगता है कि दो दिन पूर्व ही इन्हें जलाया गया है। मप्र पुलिस के अनुसार आशंका है कि डाकू ललित ने तीनों को एक साथ एक जुुलाई को ही मार डाला। इसके बाद दो जुलाई को कोल्हुआ के पास लाकर जला दिया है।

फिरौती नहीं मारना ही मकसद
चित्रकूट।(ब्यूरो)। जिस अंदाज में तीन  का अपहरण कर डाकू ललित पटेल गैंग ने उन्हें मार कर जला दिया है उससे यही संभावना है कि तीनों से फिरौती वसूलना कोई मकसद नहीं था। मुन्ना व रामप्रसाद के परिजनों ने बताया कि उनके पास किसी भी फिरौती की मांग नहीं आई और न ही डाकू गैंग से कोई दुश्मनी थी। जिससे स्पष्ट है कि तीनों को पकड़कर मारना ही गैंग का लक्ष्य था।  

डाकू रागिया की तर्ज पर जलाया
चित्रकूट। डाकू ललित पटेल के पहले भी डाकू दुश्मनों को गोली मारकर शव को जलाने का काम करते रहे हैं।इसमें कुख्यात डाकू रागिया उर्फ सुंदर पटेल और बलखडिया उर्फसुदेश ने इस तरह की घटनाएं की हैं।
       डाकू रागिया ने मप्र सीमा के एक गांव में एक घर में बाहर से आग लगा दिया था। जिसमें परिवार के 11सदस्य जिंदा जल गए थे। इसी तरह से  भरतकूप चौकी अंतर्गत मानपुर गांव के जंगल में पुलिस के दो मुखबिरों को डाकू बलखड़ियों ने बुलाकर पहले गोली मारी थी इसके बाद शवों को जला दिया था। इसी तरह से डाकू शिवा पटेल बहिलपुरवा थाने के रूखमाखुर्द गांव में प्रधान के घर में रात को बाहर से आग लगा दिया था। उस समय प्रधान तो  घर में नहीं था लेकिन उसके परिवार के सदस्य घर के  ही अंदर मौजद थे। समय से पुलिस के पहुंच जाने व ग्रामीणों के सहायता के कारण परिवार के सदस्य बाल -बाल बच गए थे। अब ललित पटेल गैंग ने भी इसी स्टाइल को अपना शुरू कर दिया है। जिसकों लेकर जिले दहशत छा गई है।
विज्ञापन


एक दर्जन मामले दर्ज
चित्रकूट(ब्यूरो)।  डाकू ललित पटेल का एक भाई दस हजार का इनामी कुकुरखमा उर्फदेशराज को पुलिस ने पकड़ा है। इस समय उसका एक और भाई नन्हे गैंग में शामिल है। वह मूलत: पौशलहा नयागांव का निवासी है। इस पर यूपी क्षेत्र से दो और मप्र से दस मामले दर्ज हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें