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डाकू ललित ने हत्या के बाद फूंका था तीनों ग्रामीणों का शव

Tue, 04 Jul 2017 10:55 PM IST
चित्रकूट
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hariyana police
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अमर उजाला ब्यूरो
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चित्रकूूट। मध्य प्रदेश की सीमा से सटे थर पहाड़ के पास मिले तीनों शव की शिनाख्त हो चुकी है। तीनों को मारने के बाद डाकू ललित पटेल गैंग ने फूंक दिया था। मृतकों में एक डाकू गोप्पा गैंग का मुखबिर भी बताया जाता है। घटना के बाद कमिश्नर डीआईजी समेत चित्रकूट-बांदा के पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे। मंडलायुक्त ने बताया कि शव के अवशेष का डीएनए टेस्ट होगा।
    गौरतलब है कि जिले की सीमा से सटे मध्य प्रदेश के  नया गांव थाना क्षेत्र के थर पहाड़ के नीचे सोमवार शाम तीन शव मिले थे। अमर उजाला में यह खबर छपने के बाद मंगलवार सुबह चित्रकूट धाम मंडल के आयुक्त  अजय कुमार शुक्ला, डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी, चित्रकूट एसपी प्रताप गोपेंद्र और बंादा एसपी श्रीपति मिश्र भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने थर पहाड़ के नीचे कोल्हुआ जंगल में तीन जले अवस्था में शव कंकाल के रूप में देखे। यह सीमा क्षेत्र चित्रकूट का था। मौके पर मौजूद थर पहाड़ निवासी पप्पू यादव पुत्र पूरन ने साफी के टुकड़े और तंबाकू की डिबिया से पहचाना कि मृतक उसका भाई मुन्ना यादव है। जिसे डाकू ललित 30 जून को गांव से ही अपहरण कर ले गया था। दूसरे की पहचान टेडी नया गांव निवासी रामप्रसाद उर्फ दादू पुत्र रामदयाल और तीसरे की पथरा पालदेव निवासी इंद्रपाल यादव पुत्र बड़कावन के रूप मेें हुई। पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र ने बताया कि मौके पर कंकाल मिले हैं। अन्य सामानों से परिजनों ने शिनाख्त की है। लेकिन अभी अधिकृत पुष्टि नहीं की जा सकती। यह सही है कि डाकू ललित पटेल गैंग द्वारा इनको गांव से ले जाने की जानकारी ग्रामीणों ने नया गांव थाने में दी थी।  
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शिनाख्त छुपाने के लिए जलाया
घटनास्थल पर मौजूद चित्रकूट, बांदा व सतना के पुलिस अधिकारियों ने एक राय से माना कि तीनों की हत्या डाकू ललित पटेल गैंग ने थर पहाड़ में की है।  इसके बाद तीनों को कोल्हुआ जंगल में पेड़ के पास लाकर जला दिया है। इसके पीछे शिनाख्त छिपाना और डाकू गैंग की क्रूरता को दर्शाना है। डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने बताया कि तीनों संभावित मृतक नया गांव थाना क्षेत्र के हैं। तीनों की जानकारी नया गांव थाने में दी गई थी इसलिए इसकी रिपोर्ट भी उसी थाने में डाकू ललित पटेल के खिलाफ ही लिखी जाएगी। यूपी क्षेत्र के चित्रकूट की सीमा पर शव मिलने के कारण तीनों के कंकाल का पोस्टमार्टम चित्रकूट में कराकर रिपोर्ट नया गांव थाने में दी जाएगी। तीनों की हत्या करने के पीछे प्रथम दृष्टया यह जानकारी मिली है कि कुछ दिन पूर्व डाकू गोप्पा गैंग इस क्षेत्र में आया था तब उसकी ललित पटेल गैंग से गैंगवार हुआ था। इसके बाद चित्रकूट पुलिस की भी डाकू ललित गैंग से मुठभेड़ हुई थी। इन घटनाओं के बाद डाकू ललित गैंग यह आशंका जताता है कि मृतकों ने ही डाकू गोप्पा व पुलिस को बुलाया था।

डकैतों में गैंगवार में फूंके गए ग्रामीण
बांदा। सरहद पर स्थित थर पहाड़ में तीन लोगों को जिंदा फूंक देने के पीछे दस्यु सरगना गौरी यादव और ललित पटेल गिरोह की बीच एक माह पहले हुआ गैंगवार बताया जा रहा है। जान गंवाने वालोें मेें दो यादव और एक दलित बिरादरी का है। मंगलावार को खोजी कुत्ते (डाग स्क्वायड) से भी सुराग लगाने की कोशिश की। मंडलायुक्त आयुक्त ने बताया कि अवशेषों का डीएनए टेस्ट होगा।
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बीहड़ सूत्रों के मुताबिक मध्य प्रदेश के नया गांव थाने के थर पहाड़ गांव में एक माह पहले ललित पटेल ने माखन गोंड़ नामक युवक को किसी बात पर जमकर पीटा था। माखन ने यह बात गांव के ही मुन्ना यादव, इंद्रपाल यादव व टेढ़ी गांव के बड़ादादू वर्मा को बताई। इन तीनों के संबंध गौरी यादव व ललित पटेल गिरोह से होना बताया जा रहा है। तीनों ने माखन को पीटने की बात गौरी यादव को बता दी। इस पर गौरी यादव ने इन तीनों की मदद से ललित पटेल को ठिकाने लगाने की योजना के तहत ललित पटेल गिरोह को पड़मनिया (थाना नया गांव, एमपी) जंगल बुला लिया गया। यहां दोनों ओर से तकरीबन एक घंटे गोलियां चलीं। लेकिन दोनों गिरोह का कोई सदस्य नहीं मरा। इस पर 30 जून को ललित गिरोह ने बड़ादादू (टेंढी) को पकड़ा। उसके बाद इंद्रपाल और मुन्ना यादव को उनके घरों से घसीट लिया। तीनों को गांव से दूर पड़मनिया ले गया और जमकर लाठियाें से पीटा। तीनों के घुटनो में गोली मारकर घायल कर देने के बाद जंगल की लकड़ियों का ढेर लगाकर तीनों को जिंदा फूंक दिया। तीनों के परिजनों ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
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