बकरी चराने गए किशोर की हत्या न होती अगर वह बकरियां ले जाने का विरोध न करता। घटनास्थल से कुछ दूर पर मौजूद वृद्ध की मानें तो जीप में सवार तीन युवक गाड़ी में बकरियां भर रहे थे। इसका विरोध करने पर ही कल्लू उर्र्फ आलोक की गला काटकर हत्या कर दी गई है। यह देखकर वृद्ध चिल्लाया तो आरोपी भाग निकले।
मानिकपुर, मऊ और बरगढ़ क्षेत्र में अक्सर चरवाहों को पीटकर बकरी व अन्य मवेशियों को ले जाने की घटनाएं सामने आती रहीं हैं। इन क्षेत्रों में सक्रिय गिरोह के लोग अक्सर ऐसी घटनाएं करते हैं। अब इस घटना के बाद संभावना जताई जा रही है कि राजापुर व पहाड़ी क्षेत्र में भी यह गिरोह सक्रिय होने लगा है। जानकारों के अनुसार गैंग के लोग एडवांस रुपया देकर मवेशियों को उठाते हैं और फिर जिले की सीमा पर जाकर मवेशी को हैंडओवर करते हैं। इस घटना के पीछे भी मवेशी चोर गैंग के ही होने की संभावना जताई जा रही है।
चित्रकूट। कल्लू की मां भगवती देवी ने बताया कि वह दो भाइयों में छोटा था। बुधवार को बीस बकरियों को लेकर चराने गया था। इस घटना के बाद सिकरिया जंगल में 12 बकरियां मिली हैं, जबकि आठ गायब हैं।
चित्रकूट। एक ही गांव के होने के कारण मृतक व आरोपी एक दूसरे से परिचित थे। मृतक के पिता ने बताया कि कुछ दिन पहले ही आरोपी फुद्दा ने कल्लू को जबरन मोबाइल दिया था। घटना के दिन जब आरोपी जीप से गांव की ओर जा रहा था, तो उन्हें रोककर पूछतांछ की। इसी दौरान आरोपी की जेब से वही मोबाइल गिरा जो कुछ दिन पहले कल्लू को दिया था। तब मोबाइल देखकर शक हुआ कि कल्लू की हत्या इन्हीं लोगों ने की है।