रुद्राक्ष दिलाने के नाम पर मानिकपुर घाटी पर मंगलवार को बदमाशों ने चार तीर्थयात्रियों से नगदी और जेवर लूट लिए। किसी तरह जान बचाकर भागे पीड़ितों ने जिला अस्पताल में इलाज कराया। कोतवाली रिपोर्ट लिखाने पहुंचे तो मौजूद पुलिस कर्मियों ने उन्हें मानिकपुर थाना जाने को कहा। वे सब बिना रिपोर्ट दर्ज कराए लौट गए।
जानकारी के अनुसार कानपुर के परमट निवासी उदयनारायण (46)पुत्र लक्ष्मीनारायण, कंपनी बाग चौराहा निवासी प्रदीप सिंह(43)पुत्र यशपाल सिंह, चकेरी केआर पुरम कानपुर निवासी नीलकमल (44)पुत्र सीताराम वर्मा और झंडेवाला गंगाघाट जिला उन्नाव निवासी मनोज सिंह(46)पुत्र जगदीश सेंगर मंगलवार को निजी कार से चित्रकूट घूमने आए थे। इन्होंने बताया कि घूमके के दौरान उनकी भेंट दो ग्रामीणों से हो गई। बातचीत के दौरान उन्होंने रुद्राक्ष लेने की इच्छा जताई। दोनों ग्रामीणों ने तीर्थयात्रियों को बताया कि वे अपने दोस्त से उन्हें असली रुद्राक्ष दिला सकते हैं।
चारों तीर्थयात्री अपनी कार में दोनों ग्रामीणों को लेकर मानिकपुर की ओर रवाना हो गए। घाटी के पास पहुंचने पर सभी लोग कार से उतरे। दोनों ग्रामीण एक कच्ची रास्ते से चारों तीर्थयात्रियों को एक मकान में लाए। कमरे में घुसते ही दो ग्रामीणों ने तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर तीर्थयात्रियों की पिटाई कर दी। नगदी व अंगूठी- चेन लूटकर धमकाया। चारों तीर्थयात्री वहां से भागकर कार तक पहुंचे और फिर मुख्यालय आए। जिला अस्पताल में घायलों ने इलाज कराया और पुलिस को सूचना दी। घायलों ने बताया कि देर रात को वह रिपोर्ट दर्ज कराने कोतवाली पहुंचे तो वहां मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों ने कहा कि मामला मानिकपुर क्षेत्र का है। वहां के थाने में जाओ। परेशान तीर्थयात्री वहीं से कानपुर लौट गए। इस मामले में कोतवाल सुभाष चौरसिया ने बताया कि उनकी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं आया है।