चित्रकूट। जमीन के विवाद में चचेरे भाई की हत्या करने के आरोपी को अपर जिला जज ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 24 हजार रुपये का अर्थदंड भी दिया गया है। मामला सन 2014 का मानिकपुर के उंचाडीह गांव का है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अवधेश कुमार यादव ने बताया कि मानिकपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ऊंचाडीह गांव के परौंहा पुरवा निवासी मंधीर पुत्र रामपाल रजक ने पांच नवंबर 2014 को मानिकपुर थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने के दौरान बताया था कि उसके पिता रामपाल पुत्र रामप्रताप ने गांव के बच्चा लाल द्विवेदी का खेत बटायी पर लिया था। इस खेत में वह पांच नवंबर 2014 को धान की कटी फसल रखवा रहे थे। इस दौरान उसका चचेरा चाचा लवलेश रजक पट्टे की जमीन के विवाद को लेकर वहां पहुंच गया। लवलेश ने उसके पिता रामपाल पर तमंचे से तीन चार फायर मार दिया। जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गयी। पहला फायर होने और उसके पिता के चिल्लाने पर वह लोग भाग कर मौके पर आये। इस दौरान उन्होंने लवलेश को तमंचा लेकर भागते हुए देखा। टार्च की रोशन पड़ने और ललकारने पर लवलेश गाली देते और धमकाते हुए भाग निकला। वादी के अनुसार जमीन विवाद को लेकर पूर्व में भी उसको पिता को मरवाने की धमकी दी जा चुकी थी।
पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद न्यायालय ने आरोप पत्र दाखिल किया था। इस मामले में अपर जिला जज निहारिका चौहान ने बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद मंगलवार को निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर हत्याभियुक्त लवलेश रजक पुत्र ननकू को कठोर आजीवन कारावास और 24 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी है।