पांच लाख तीस हजार के इनामी दस्यु बबुली कोल गैंग ने रेलवे कर्मचारी और सपा नेता के पुत्र का अपहरण कर लिया। दोनों की रिहाई के बदले 55 लाख की फिरौती मांगी है। इनमें सपा नेता से 50 लाख रुपये मांगे गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही एडीजी समेत रेलवे के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसपी के नेतृत्व में पुलिस की तीन टीमें जंगल में कांबिग कर रही हैं।
मानिकपुर में शास्त्री नगर निवासी सपा के पूर्व जिला महासचिव निर्भय सिंह उर्फ संतू शनिवार की शाम अपने रिश्तेदार ऊंचाडीह के पूर्व प्रधान मार्तंड सिंह के छोटे भाई की तेरहवीं में शामिल होने सपरिवार सतना गए थे। साथ में बेटा विजय और अन्य सदस्य भी थे। देर रात परिवार से सभी लोग डस्टर और बोलेरो कार से मानिकपुर लौट रहे थे। इस दौरान टिकरिया मोड़ रेलवे क्रासिंग पर फाटक बंद मिला।
कुछ देर तक हार्न बजाने के बाद गेट न खुलने पर विजय गेटमैन बलवंत सिंह पुत्र शंकरदयाल निवासी इलाहाबाद के पास पहुंचा और गेट खोलने को कहा। गेटमैन से बात कर विजय कार की तरफ लौट रहा था, तभी पीछे से बबुली कोल गैंग आ धमका और बेटे को पकड़ लिया। डकैतों ने सपा नेता का मोबाइल भी छीन लिया। विजय के हाथ बांधकर गेट तक ले गए और गेटमैन को भी साथ लेकर जंगल की ओर चले गए। सपा नेता के मुताबिक गैंग में करीब दर्जन भर सदस्य थे। कार में बैठे लोगों से पीछे मुड़कर देखने पर गोली मार देने की धमकी दी।
दहशतजदा संतू सिंह मारकुंडी थाने पहुंचे। थानाध्यक्ष शशी प्रकाश यादव को घटना की जानकारी दी। थानाध्यक्ष ने सपा नेता के मोबाइल (जिसे डकैत छीन ले गए थे) पर फोन किया। एसओ के मुताबिक डकैत बबुली कोल ने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए 50 लाख की फिरौती पहुंचाने की धमकी देकर फोन काट दिया।
थाने पहुंचे गेटमैन के रिश्तेदार कुक्कू सिंह ने बताया कि गेटमैन के घर भी फोन कर पांच लाख की फिरौती मांगी गई है। अपहरण कांड की जानकारी मिलते ही एडीजी एसएन सावत, डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी और एसपी प्रताप गोपेंद्र सिंह टिकरिया रेलवे क्रासिंग पहुंचे। रेल अधिकारियों से भी बातचीत की। एडीजी ने बताया कि अपहृतों को छुड़ाने के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं।