रैपुरा थाने में पुलिस टीम के साथ मौजूद अपहृत दिलीप गुप्ता।
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घर से अपह्त युवक तीन दिन बाद सेमरा के जंगल के रास्ते पर सोमवार को मिला है। युवक ने बताया है कि बदमाश फिरौती मांगने की तैयारी में थे और वह उन्हें चकमा देकर आया है। पुलिस इसे गांवदारी का ही मामला मान रही है। नामजद आरोपियों से दोबारा पूछताछ की गई है।
सोमवार को बरगढ़ थानाक्षेत्र के सेमरा जंगल से सटे गांव में अभिमन्यु सिंह पुत्र शिवप्रसाद ने पुलिस सूचना दी कि उसे जंगल के रास्ते रैपुरा के देउंधा निवासी दिलीप गुप्ता मिला है। सूचना पर रैपुरा थानाध्यक्ष संतशरण पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे। पुलिस की पूछताछ में दिलीप ने बताया कि 8 फरवरी की रात को गांव के ही आठ लोगों ने उसे असलहे के बल पर ले गए थे। इसके बाद उसे बरगढ़ के जंगल में ले जाकर चार अज्ञात लोगों को सौंप दिया। वे लोग उसकी आंख में पट्टी बांधकर रखते थे। बदमाश आपस में दस लाख की फिरौती मांगने की योजना बना रहे थे। रविवार रात को जब सब सो रहे थे तब वह मौका देकर वहां से भाग आया। जंगल के रास्ते से होता हुआ सेमरा गांव के बाहर एक युवक मिला तो उसे घटना की जानकारी दी। वह ग्रामीण, दिलीप को गांव ले गया और पुलिस सूचना दी।
थानाध्यक्ष संतशरण ने बताया कि यह गांवदारी को मामला है। पहले से नामजद व अपहृत युवक के परिजनों के बीच विवाद चल रहा है। दोनों पक्षों से एक-एक बार रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। आशंका है कि एक-दूसरे से बदला लेने के लिए यह कहानी रची गई है। युवक के अपहरण की जानकारी पर सभी आठ नामजद गांव में ही मिले थे और उनसे पूछताछ की गई थी। युवक के मिलने पर उसका मेडिकल कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। युवक ने जो बात बताई है उस पर विश्वास कर फिर नामजद लोगों से पूछताछ की जा रही है। उसके बताए रास्ते पर जंगल में बदमाशों की भी तलाश की जा रही है।