अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। तेल उद्यमी के मासूम अपहृत जुड़वा बच्चों की हत्या के बाद तनावपूर्ण स्थिति के बीच मप्र पुलिस ने सभी हत्यारों को फिरौती की रकम के साथ दबोच लिया है। इस जघन्य हत्याकांड में अपहरण से लेकर 12 दिन तक की कहानी जो सामने आई तो 13वें दिन सबकी आंखें फटी रह गईं। हैरत की बात यह रही कि अपहरण के बाद दो दिन तक आरोपी बच्चों को चित्रकूट क्षेत्र में ही रखे रहे। फिर कड़ी सुरक्षा को धता बताते बोलेरो से प्रयागराज, अतर्रा व बबेरू ले गए। इस दौरान अपहरणकर्ताओं ने अपहृतों के पिता को फोन कर दो करोड़ की फिरौती मांगी। 20 लाख रुपये में सौदा तय होने के बाद फिर नीयत बदली और एक करोड़ और मांगा। इधर पुलिस का दबाव बढ़ा तो अपनी पहचान उजागर होने के डर से दोनों बच्चों को मार डाला।
रविवार पुलिस ने जब पूरी घटना का दिन वार ब्यौरा बताया तो सभी अपहरणकर्ताओं की चालाकी को सुनते ही रह गए। रींवा आईजी चंचल शेखर ने प्रमोदवन में पत्रकारों ंको बताया कि 12 फरवरी को अपहरण के बाद से ही यूपी व एमपी की पुलिस टीमों ने मिलकर सुरागकशी के लिए योजना बनाई। कई बार नजदीक तक पहुंचने पर भी अपहरणकर्ताओं के शातिर होने के कारण असफल रहे। बच्चों के जान की चिंता से उनके परिजनों ने पुलिस दबाव कम करने को कहा। जिससे अपहरणकर्ताओं से 20 लाख रुपये की फिरौती में सौदा तय हुआ। जिससे पुलिस भी ढीली पड़ी कि चलो बच्चे जिंदा मिल जाएं उसके बाद देखा जाएगा। 19/20 फरवरी की रात को बिना पुलिस को बताए परिजनों ने बबेरू के पास एक पुलिया पर रुपये पहुंचाए उनसे कहा गया कि सुबह भरतकूप से बच्चे ले जाना लेकिन उसके बाद फिर अपहरणकर्ताओं की नीयत बदली और एक करोड़ और मांगा। न मिलने पर बच्चों को जंजीर व पत्थर से बांधकर नदी में फेंक दिया। जिससे उनकी मौत हो गई। इसके पूर्व अपहरणकर्ताओं ने कई बार अड्डे बदले अतर्रा बांदा में किराए के मकान में रहे।
आईजी रींवा ने बताया कि अपहरणकर्ताओं को यह पता चल गया था कि बच्चों ने उन्हें पहचान लिया है और पुलिस भी बहुत नजदीक आ गई है जिससे पकड़े जाने के भय से बच्चों को मार कर भाग रहे थे लेकिन पुूलिस ने सभी चार मुख्य आरोपियों को पकड़ लिया। इसके पूर्व ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षक व उसके मामा को पकड़ कर पुलिस हत्यारों तक पहुंच गई। जिनसे फिरौती में लिए गए 20 लाख रुपये में 17 लाख 65 हजार रुपये, दो बाइक, एक बोलेरो, एक तमंचा भी बरामद किया है। इस मौके पर रींवा मंडल के कमिशभनर, सतना डीएम, डीआईजी व एसपी आदि मौजूद रहे।