पुलिस हिरासत से भागने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुभाष सिंह ने तीन अभियुक्तों को दो-दो साल कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन अधिकारी श्रीराम यादव ने बताया कि 20 अप्रैल 2015 उपनिरीक्षक बहादुर खां हेड कांस्टेबल मन्नूलाल गुप्ता, तौफीद अहमद, अब्दुल रसीद, मकसूद अहमद, रजा मोहम्मद, नईमुद्दीन, कालीचरण, राजेंद्र प्रसाद, भीष्म प्रसाद, रहमतुल्लाह व मोहम्मद शाबिर कचहरी स्थित कैदी लाकप के पास ड्यूटी में थे।
यहां बांदा जेल से 34 मुजरिम चित्रकूट न्यायालय लाये गये थे। पेशी के बाद वाहनों से वापस लाये जा रहे थे। इसी दौरान मऊ थाना के बियावल गांव के मेडिया का डेरा निवासी सरदार उर्फ कबुलवा ,राजापुर थाने के पराको के सोतीपुरवा निवासी जगपत उर्फ बच्चा व अखिलेश उर्फ उमाकांत गाड़ियों में न बैठकर पुलिस का घेरा तोड़कर भाग निकले। जिनको पुलिसकर्मियों ने दौड़कर मेनगेट के बाहर पकड़ लिया था।
इस मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद मंगलवार को दोष सिद्ध होने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुभाष सिंह ने तीनों को दो-दो वर्ष कैद की सजा सुनाई।