अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। तीस हजार के इनामी डाकू ललित पटेल गैंग ने जिले के सीमावर्ती गांव में रात को धावा बोलकर एक झोलाछाप डाक्टर को रंगदारी न देने पर जान से मारने की धमकी दी। सूचना के बाद पुलिस तो पहुंची लेकिन डाकुओं को पकड़ने की बजाए पुलिस टीम अपने वाहनों का सायरन बजाती रही जब डाकू भाग निकले तो तब पुलिस कर्मी गांव के अंदर आए।
जानकारी के अनुसार जिले की सीमावर्ती मप्र के नयागांव थानाक्षेत्र के जुगुलपुर गांव में रविवार की रात को डाकू ललित पटेल गैंग ने धावा बोल दिया। गैंग के सदस्य गांव के एक झोलाछाप डाक्टर के घर को चारों तरफ से घेरकर बाहर निकलने की धमकी दे रहे थे। ग्रामीणों के अनुसार डकैतों ने यह भी कहा कि इसी झोलाछाप ने सरगना के भाई कुकुरखगा उर्फ देवीपटेल को पुलिस मुखबिरी कर पकड़ाया है। इसके बदले में उससे रुपये की मांग की जा रही थी। काफी देर तक झोलाछाप डाक्टर घर से बाहर नहीं निकला। इसी बीच ग्रामीणों की सूचना पर नयागांव पुलिस टीम और 100 नंबर की पुलिस टीम पहुंची। पुलिस टीम गांव के बाहर ही सायरन बजाती रही। कुछ देर बाद डाकू भाग निकले इसके बाद पुलिस टीम गांव के अंदर पहुंची जिससे उन्हें कुछ हासिल नहंीं हुआ।
डाकू ललित के भाई ने मंागी थी रंगदारी
चित्रकूट। गौरतलब है कि डाकू ललित पटेल के भाई कुकुरखगा को कुछ दिन पूर्व मप्र पुलिस ने परमनिया के जंगल से पकड़ लिया था। ग्रामीणों के अनुसार डाकू ललित का भाई ही पकड़े जाने के पूर्व जुगुलपुर गांव में झोलाछाप डाक्टर के पास पहुंचकर रंगदारी मांगी थी। इस डाक्टर के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत बताई गई है। जब डाकू ललित के भाई ने रंगदारी मांगी तो उसे डाक्टर ने भगा दिया था और दूसरे दिन पुलिस ने उसे दबोच लिया। जिससे डाक्टर पर पुलिस मुखबिरी का शक है।
भाग चुके थे डाकू
चित्रकूट। नया गांव सतना मप्र थाना प्रभारी देवी सिंह ने बताया कि जुगुलपुर में डाकू ललित पटेल गैंग के आने की सूचना मिली थी। जिस पर पूरी टीम रात में ही गांव पहुंची थी लेकिन जबतक डाकू भाग चुके थे। इस मामले में सतना एसपी मिथलेश कुमार ने बताया कि जुगुलपुर गांव में एक झोलाछाप डाक्टर को धमकाने डाकू गैंग पहुंचा था लेकिन पुलिस के आने के पहले सभी भाग चुके थे। जल्द ही गैंग के सदस्यों को पकड़ा जाएगा।