चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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खेत में गेहूं मड़ाई करा रहे पिता व उसके तीन मासूम बच्चों की हत्या करने वाले आरोपी और उसके तीन पुत्रों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला आठ साल बाद आया। अदालत के आदेश पर पुलिस ने चारों को जेल भेज दिया।
अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट के अभियोजन अधिकारी विवेक चंद्रा व मनमोहन वर्मा ने बताया कि 23 अप्रैल 2008 को राजापुर के चिल्लीराकस गांव में श्रीराम गेहूं की कतराई करा रहा था। वहीं उसके तीन बच्चे अनीस (15), मनीष (आठ) व आशीष (छह) खेल रहे थे। इसी बीच फसल के बंटवारे को लेकर उसका छोटा भाई सीताराम अपने पुत्रों के साथ आया और श्रीराम समेत उसके तीनों बच्चों को लाठियों से पीटकर फसल के ढेर में फेंककर आग लगा दिया। जिसमें श्रीराम समेत उसकेे तीनों बच्चों की मौत हो गई थी।
इस मामले में मृतक का भांजा अमित पांडेय पुत्र बाला प्रसाद निवासी पांडेय का पुरवा ने सीताराम व उसके पुत्र भगवानदीन, श्यामचंद्र व जयचंद्र निवासी मिश्रन का पुरवा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश पीके श्रीवास्तव ने दोनों पक्षों की गवाही के बाद सीताराम व उसके तीनों पुत्रों को आजीवन कारावास व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।