कोलान के जंगल में वन विभाग के रेस्ट हाउस के पास गुरुवार दोपहर पुलिस और बलखड़िया गिरोह के बीच जोरदार मुठभेड़ हो गई। डकैत बलखड़िया की ओर से किए गए जवाबी हमले में पुलिस के तीन सिपाही घायल हो गए। इनमें पुलिस की जीप का चालक भी शामिल है।
एसपी पवन कुमार कई थानों की फोर्स के साथ बदमाशों से मोर्चा संभाले हैं। कई घंटे से मुठभेड़ जारी होने की सूचना पर डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी भी मौके पर पहुंच चुके हैं। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मारकुंडी थाने के एसआई श्रवण कुमार सिंह को खबर मिली कि वन विभाग मारकुंडी रेंज के डाक बंगले के पास बलखड़िया गिरोह की सक्रियता देखी गई है।
उन्होंने यह खबर पुलिस अधीक्षक को दी। एसपी खुद पुलिस बल के साथ डाक बंगला पहुंच गए। बताया जाता है कि डाक बंगले के पीछे एक पेड़ के नीचे पन्नी बिछाकर गैंग के लोग आराम फरमा रहे थे। गैंग में बलखड़िया समेत लगभग बीस डकैत थे।
तभी डकैतों को पुलिस के आने की भनक लग गई। पुलिस के मोर्चा संभालने से पहले ही डकैतों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। दोनों ओर से गोलियां चलने लगीं।
बलखड़िया के जवाबी हमले में सिपाही कैलाश यादव (50) निवासी जिला गाजीपुर, जीप चालक सुंदर लाल यादव (40) पुत्र रामगरीब निवासी छेरिहा खुर्द, मानिकपुर (चित्रकूट), सिपाही पुष्पेंद्र सिंह (30) पुत्र मइयादी निवासी देवगनपुरा पनवाड़ी (महोबा) को गोली लग गई।
तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। हैरत की बात ये हुई कि गोली लगने से घायल सिपाही पुष्पेंद्र वहीं झाड़ियों में गिर पड़ा और उसके बाद से लापता हो गया। उसके बाएं पैर में गोली लगी थी। हालांकि बाद में उसे खोज लिया गया।
तीनों को आनन फानन में मानिकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर जिला अस्पताल लाया गया। समाचार लिखे जाने तक एसपी पवन कुमार कई थानों की फोर्स के साथ डकैतों से मोर्चा संभाले हुए हैं।
बंधा भीतर कोलान के जंगल के आसपास पुलिस की घेराबंदी जारी है और गैंग की ओर रुक-रुक कर गोलियां चल रही हैं। बैकअप के लिए डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी भी मौके पर पहुंच चुके हैं।
पुलिस सूत्र बताते हैं कि डकैत बलखड़िया समेत पूरे गैंग को घेर लिया गया है। मोर्चे पर होने की वजह से किसी उच्चअधिकारी से बात नहीं हो सकी।