हर्रा गांव में ग्रामीणों से बातचीत करते एसपी डीपी सिंह।
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50 हजार के इनामी डाकू गोप्पा को दबोचने के लिए पुलिस की सात टीमें लगातार जंगलों में कांबिंग कर रहीं हैं। कुछ संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी भी की गई है। इस दौरान पुलिस को हत्याकांड में शामिल एक आरोपी को पकड़ने में सफलता भी मिली। जिसने बताया कि राजा की हत्या करने को डाकू गैंग तीन नहीं दो बाइक से पांच लोग आए थे। भागते समय वह भी एक बाइक में बैठकर कुचारम तक गया फिर उतरकर जंगल की ओर चला गया था।
गौरतलब है कि सोमवार को थाना क्षेत्र के हर्रा गांव का राजा यादव बाइक से भाभी मंजू के साथ बैंक से नोट निकालने जा रहा था। तभी चौहान तालाब के पास पहले से घात लगाए बैठे डाकू गोप्पा ने दिनदहाड़े ताबड़तोड़ गोलियां से उसे छलनी कर मार डाला था।
जिसमें आधा दर्जन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। एसपी डीपी सिंह ने बताया कि डाकू दल को दबोचने के लिए सात टीमें गठित हैं। जो लगातार जंगल व संभावित स्थानों पर निगाह रखे हैं। बुधवार को पुलिस ने हर्रा गांव के पास से छोटा उर्फ रामसुंदर पुत्र गऊलाल निवासी हर्रा को पकड़ा है।
थानाध्यक्ष अंगद प्रताप सिंह ने बताया कि यह आरोपी हत्याकांड के समय डाकुओं के साथ था। इसने पूरी रेकी की थी और पहले से तालाब के पास मौजूद था। जब राजा गांव से चला तो इसने ही मोबाइल से गोप्पा को फोन कर बुलाया और गोप्पा दो बाइक से पांच लोग आए।
जैसे की बाइक तालाब के पास आई तो इसी छोटा ने सड़क पर आकर बाइक को रोकने का प्रयास किया जब राजा ने बाइक नहीं रोकी तो किनारे छिपे डाकुओं ने गोली बरसानी शुरू कर दी। जिसमें उसकी मौत हो गई। पकड़ा गए आरोपी पर तीन मामले दर्ज हैं।
कुछ माह पहले राजा को गोली मारने की घटना में भी यह शामिल था। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी यह नहीं बता पा रहा कि डाकू बाइक कहां से लाए थे। दोनों बाइक बिना नंबर की थी। डाकू गोप्पा ने राजा यादव को मारने के लिए राइफल की गोलियों का प्रयोग किया। एक दो नहीं उसके शरीर पर दस गोलियां मारी गई थी। थानाध्यक्ष ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ है कि उसके शरीर में दस राइफल की गोलियां लगी हैं।