जवान की हत्या में नामजद आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। ससुराल आए आरपीएफ के जवान की हत्या मामले में नामजद उनकी सास व दो सालियों को जिला पुलिस की तीन टीमें लगातार पांचवें दिन भी तलाश करती रहीं। खासकर प्रयागराज व कौशांबी में पुलिस टीमों ने डेरा डाल दिया है लेकिन सफलता नहीं मिल रही है।
बीते सोमवार को शहर के शंकरगंज स्थित ससुराल आए सतना मप्र के चौहर निवासी आरपीएफ जवान बृजकिशोर की हत्या हुई थी। उनका शव ससुराल के गेट पर पड़ा मिला था। जिसमें मृतक के भाई की तहरीर पर उसकी पत्नी स्मृति द्विवेदी समेत सास व दो सालियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद से पुलिस ने मुख्य हत्यारोपी पत्नी स्मृति को तो पकड़कर जेल भेज दिया लेकिन अन्य घर से गायब हैं। जिनकी तलाश के लिए तीन टीमें लगातार कई संभावित स्थानों पर छापे मार रही हैं। कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि तीन टीमें प्रयागराज व कौशांबी जिले में छानबीन कर रहीं हैं।
रविवार को मृतक जवान के परिजन फिर मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने फिर से पुलिस विभाग के एक अफसर व कुछ व्यापारी नेताओं की भूमिका पर सवाल खड़े कर जांच कराने की मांग की। मृतक के भाई विष्णुदेव ने कहा कि इन सब से भी पूछताछ होनी चाहिए। उधर, हत्यारोपी स्मृति का भाई नवनीत तिवारी अपनी बहन के बचाव में सामने आया है। आरोप लगाया कि उनकी बहन के पति की मौत के बाद से उनकी बहन को जबरन निशाना बनाया जा रहा है। अभी यह तय नहीं हुआ है कि मर्डर किया गया है या चोट से मौत है। यदि यह हत्या होती तो पुलिस को सीधे रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए थी जबकि मृतक के परिजनों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। रगौली जेल में बहन से मिलने के बाद प्रेस कार्यालय पहुंचे नवनीत ने यह भी कहा कि उसकी बहन के अपने पति से मधुर संबंध थे। इसलिए वह बार-बार ड्यूटी से यहीं आते थे और साथ ही घूमने जाने की योजना थी। उनकी बहन को बदनाम करने की साजिश की जा रही है।