चित्रकूट। रैपुरा थाना अंतर्गत महुलिया गांव के भगड़ा पुरवा में जेल में बंद डाकू गोप्पा गैंग के बचे सदस्यों द्वारा की गई वारदात के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवालिया निशान लगने लगे हैं। माना जा रहा कि जब डाकू गोप्पा को एसटीएफ व पुलिस ने पकड़ा था उस समय रिमांड में गैंग के बचे सदस्यों के बारे में सही तरीके से पूछतांछ नहीं की गई न ही गैंग के सदस्यों के हथियार बरामद किए गए। जिससे अब बचा गैंग सिरदर्द बनता जा रहा है।
गौरतलब है कि जेल में बंद एक लाख पांच हजार के इनामी डाकू गोप्पा को एसटीएफ-पुलिस ने जब पकड़ा था। उस समय पुलिस ने उसको रिमांड पर भी लिया था। इस दौरान पुलिस ने गोप्पा की निशानदेही पर मात्र एक राइफल बरामद की गई थी। रिमांड के दौरान गैंग के सदस्य नहीं पकडे़ गए न ही गैंग किसी सदस्य के हथियार बरामद किए हैं। जिससे गैंग के बचे सदस्यों ने कई दिनों की चुप्पी के बाद बुधवार को महुलिया गांव के भगड़ा पुरवा में ठेकेदार रामशिरोमणि उर्फ कैरा को गोली मार दी थी और उसके भतीजे को को भी गोली मारकर घायल कर दिया था। इस घटना के बाद कहा जाने लगा कि पुलिस अधिकारियों से रिमांड के दौरान डाकू गोप्पा से सही तरीके से पूछतांछ नहीं की। जिससे आज पुलिस को यह परिणाम भुगतना पड़ रहा है। उसी समय गोप्पा से सख्ती से पेश आते तो गैंग के बाकी बचे सदस्य भी पुलिस के हाथ लग जाते। डाकू बबुली व लवलेश भी पुलिस के हाथ नहीं आए अब गोप्पा गैंग के सदस्य सिर उठाने लगे।
गैंग की कमान राजा यादव संभाल रहा
:- गैंग में धुन्ना पासी हार्ड कोड सदस्य
चित्रकूट। कहा जा रहा कि जेल में बंद डाकू गोप्पा की कमान अब उसका भांजा राजा यादव ने संभाल ली हैं। उसके साथ कौशांबी जिले का धुन्ना पासी व तीन अन्य सदस्य भी कुल पांच सदस्य गैंग में चलते सभी के हाथों में बंदूके रहती हैं। कभी-कभी गैंग में दो अन्य सदस्य भी शामिल हो जाते हैं।
भगड़ापुरवा की घटना के बाद पुलिस कार्रवाई पर उठने लगे सवाल
- रिमांड के दौरान सख्ती से पेश आते तो गैंग के सदस्य पकड़ जाते
- जेल में बंद गोप्पा गैंग के बचे सदस्य पुलिस लिए बने सिरदर्द