डुमरियागंज। तीन मासूमों के साथ राप्ती नदी में छलांग लगाने जा रही महिला को रविवार को लोगों ने मौके पर पकड़ लिया। पूछताछ में उसने पति की उपेक्षा से क्षुब्ध होकर आत्महत्या का कदम उठाने की बात कही। ग्रामीणों ने महिला के घर वालों को सूचना देकर मौके पर बुलाया। उनकी देखरेख में उसे सुपुर्द कर दिया गया। मामला नगर के राप्ती तट का है। पुलिस ने मामले से अनभिज्ञता जताई है।
रविवार की शाम नगर से सटे राप्ती पुल के नीचे एक महिला अपने तीन बच्चों को लेकर रोते हुए गहरे पानी की ओर बढ़ रही थी। लोगों की नजर पड़ी तो महिला की मंशा भांप शोरगुल मचाने लगे। आसपास मौजूद राजू, इस्माइल व भाटे आदि युवकों ने उसे पकड़ लिया और गहरे पानी की ओर जाने का कारण पूछा। महिला ने बताया कि वह पति की उपेक्षा से तंग है और अब बच्चों के साथ आत्महत्या करने जा रही है। महिला ने अपना नाम राबिया खातून और पति का नाम सलीमुद्दीन बताया। तीन बच्चे क्रमश: सहीउद्दीन (5), मसीउद्दीन (3) व नुमाइश (8 माह) हैं। महिला ने बताया कि ससुराल बलरामपुर के उतरौला थाना अंतर्गत कंचनपुर और मायका डुमरियागंज थाना क्षेत्र के मैनहा में है। पति मुंबई में रहता है और वहीं दूसरा निकाह कर लिया है।
अब कोई खर्च भी नहीं देता। तीन बच्चों के साथ गुजर-बसर मुश्किल हो गया है। मायके में भी पिता के अलावा कोई नहीं है। ऐसे में वह जान देने के लिए यहां आई है। लोगों ने मोबाइल फोन पर सूचना देकर मायके वालों को बुलाया और महिला को उन्हें सौंप दिया। इस संबंध में महिला के पति सलीमुद्दीन से फोन पर संपर्क साधा गया तो उसने आरोपों को खारिज किया। कहा कि वह पिछले आठ माह से मुंबई में है। कोई दूसरी शादी नहीं की है। मजदूरी कर किसी तरह गुजारा कर रहे हैं। महिला के आरोप निराधार हैं।
उधर, एसओ आरबी सिंह का कहना था कि जिला मुख्यालय पर क्राइम मीटिंग में थे, मामले की जानकारी नहीं है। लौटकर पर पूरे प्रकरण की जानकारी ली जाएगी।