शिक्षक ने फांसी लगाकर दी जान
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। संदिग्ध हालात में कोतवाली क्षेत्र के कालूपुर पाही गांव निवासी शिक्षक ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जिसकी जानकारी होते ही उसके सहयोगियों ने कहा कि वह ऐसा नहीं कर सकता जरूर कोई इसकी वजह होगी। उधर परिजनों ने कहा कि कई दिनों से वह मानसिक रूप से परेशान रहता था।
प्राइवेट स्कूल के शिक्षक कालूपुर पाही निवासी वीरेंद्र सिंह चंदेल (40) पुत्र स्व. प्रहलाद सिंह ने बुधवार की देर रात घर के एक कमरे में पत्नी की साड़ी से पंखे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। गुरुवार की सुबह इसकी जानकारी होते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने दावा किया कि जरूर कोई खास वजह होगी अन्यथा वीरेंद्र ऐसा युवक नहीं था जो फांसी लगा लेगा। इसके पीछे कोई घरेलू समस्या भी हो सकती है। मृतक के भाई सेना के रिटायर्ड जवान धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि आत्महत्या का कारण तो अज्ञात है। घटना की शाम को भाई पत्नी व बच्चों के साथ खाना खाकर कमरे में सोने गया था। कुछ दिनों से वह मानसिक रूप से अस्वस्थ रहता था।
मृतक की पत्नी सुधा उर्फ रानीदेवी भी प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका है। मृतक वीरेंद्र कुछ माह से घर में ही कोचिंग भी पढ़ाता था। उसकी यह दूसरी शादी थी। सन 2000 में उसकी पहली पत्नी गौरी सिंह व इकलौता पुत्र अक्षय की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। उसके माता-पिता का भी देहांत हो चुका है। इसके बाद उसने दूसरी शादी की थी। उसके दो पुत्रियां हैं। कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि फिलहाल प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या ही है और किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है।